Bhiwadi Fire: 'कंकाल बन गए थे ज़िंदा शरीर' भिवाड़ी फैक्ट्री में आग लगने के बाद कैसा था मंज़र? फायर इंचार्ज ने बताया 

Bhiwadi News: जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने यह तो माना है कि यहां गारमेंट फैक्ट्री तो नहीं थी. लेकिन, यहां क्या काम हो रहा था इसकी पुष्टि के लिए उन्होंने FSL रिपोर्ट के इंतज़ार करने की बात कही है. 

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फायर इंचार्ज नरेश कुमार मीणा

Khairtahal-Tijara News: खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में सोमवार सुबह एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में तेज धमाके के बाद आग की लपटें उठती हुईं दिखीं. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक़ अग्निकांड में अभी तक 7 मजदूरों के जिंदा जलने की पुष्टि हो चुकी है. इसके अलावा, गंभीर रूप से घायल हुए 4 मज़दूरों को दिल्ली एम्स ले जाया गया है. घटना के समय फैक्ट्री के अंदर 11 मजदूर काम कर रहे थे. आग की लपटें भड़कते ही कुछ मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर फंसे रह गए.

घटना के बाद फैक्ट्री को लेकर कई तरह की अनियमितायें सामने आ रही हैं. दावा है कि सरकारी रिकॉर्ड में फैक्ट्री, गारमेंट फैक्ट्री के तौर पर दर्ज थी, लेकिन हक़ीक़त में यहां पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था. जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने यह तो माना है कि यहां गारमेंट फैक्ट्री तो नहीं थी. लेकिन, यहां क्या काम हो रहा था इसकी पुष्टि के लिए उन्होंने FSL रिपोर्ट के इंतज़ार करने की बात कही है. 

''फैक्ट्री में रह-रह कर ब्लास्ट हो रहा था''

लेकिन, आग बुझाने पहुंचे फायर इंचार्ज नरेश मीणा ने मीडिया को बताया, '' जब यहाँ पहुंचे तो फैक्ट्री में रह-रह कर ब्लास्ट हो रहा था, जो प्रॉडक्ट यहां बना रहा था उसमें ब्लास्ट हो रहा था. इसमें दिवाली के लिए बच्चों के लिए जो पटाखे होते हैं, वो बन रहे थे. हमारे रिकॉर्ड के हिसाब से यहां गारमेंट फैक्ट्री होनी चाहिए थी, लेकिन यहां पटाखों का काम हो रहा था'' 

शव पूरी तरह कंकाल ही चुके थे

फायर इंचार्ज ने बताया, '' अब तक सात शव मिले हैं, जब हम फैक्ट्री के अंदर आये तो हमने शव देखे, उन शवों की स्थिति ऐसी थी वो पूरी तरह कंकाल ही चुके थे, उन पर कुछ भी मांस नहीं बचा था. जैसे-जैसे धुआं हटता गया, हमने उन शवों को बाहर निकाला'' 

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