पाली में बड़ा हादसा, मजदूरों पर गिरी 100 टन वजनी चट्टान, 3 की मौत, 3 घायल

Major accident in Pali: राजस्थान के पाली जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. यहां ग्रेनाइट खदान में काम कर रहे मजदूरों पर 100 टन वजनी एक चट्टान गिर गया. इस हादसे में चट्टान से दबकर तीन मजदूरों की मौत हो गई. जबकि तीन अन्य घायल हो गए.

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पाली खदान हादसे के बाद मजदूरों के शव को एंबुलेंस में चढ़ाते लोग.

Major accident in Pali: राजस्थान के पाली जिले के गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के चाणोद गांव निकट साकदडा में ग्रेनाइट खदान में काम कर रहे मजदूरों के ऊपर लगभग 100 टन की चट्टान गिर गई. इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई. जबकि तीन घायल हो गए. मिली जानकारी के अनुसार हादसे के कारण करीब 1 घंटे से अधिक समय तक तीन मजदूरों के शव चट्टान के नीचे फंसे रहे, जो बुरी तरह से पिचक गए. घटना के दौरान 6 मजदूर खदान में काम रहे थे, उनमें से तीन मजदूरों पर चट्टान गिर गई, वहीं तीन लोग घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही गुड़ा एंदला थाना पुलिस व तखतगढ़ थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची, रेस्क्यू कर चट्टान के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला. 

हादसा इतना भीषण था चट्टान से दबे मजदूरों के शवों को कपड़े में भरकर पाली बागड़ अस्पताल मोर्चरी में रखवाया गया. मिली जानकारी के अनुसार ग्रेनाइट खदान में छह मजदूर पत्थर तोड़ने का कार्य कर रहे थे, ड्रिल मशीनों से पत्थर की कटाई व अन्य कार्य चल रहा था. ड्रिल के वाइब्रेशन से ऊपर की 100 टन की चट्टान भरभराकर नीचे आ गिरी. जिसके नीचे तीन मजदूर आ गए, जिससे इनकी मौत हो गई, वही तीन मजदूर घायल हो गए 1 मजदूर की स्थिति गंभीर होने के कारण जोधपुर रैफर किया गया.

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हादसे की जांच करेगी अजमेर खान सुरक्षा

खदान में हुए हादसे की जांच के लिए अजमेर से खान सुरक्षा महानिदेशालय की टीम पाली पहुँचेगी व घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी. खनिज विभाग सोजत के माइनिंग इंजीनियर धीरज पंवार ने कहा कि खदान में काम करते समय मजदूरों को मास्क लगाकर रहना चाहिए. साथ ही शूज और हेलमेट पहने होने चाहिए ताकि हादसे से बच सकें.

लेकिन, साकदड़ा के पास पन्ना मिश्री ग्रेनाइट में जो हादसा हुआ, उसमें करीब 100 टन वजनी पत्थर मजदूरों पर गिरने की बात सामने आई है. इतने भारी पत्थर के नीचे दबे मजदूरों का बचना मुश्किल था. जांच के लिए अजमेर से खान सुरक्षा महानिदेशालय से टीम आ रही है. उनकी जांच में खदान मालिक की गलती सामने आएगी तो मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा.

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छह मजदूर थे खदान में, घटना से मची चीख-पुकार

घटना के दौरान कुल 6 लोग खदान में थे और ग्रेनाइट की खदान में पत्थर तोड़ने का काम कर रहे थे. इसमें महावीर, हेमराज, मोहन की चट्टान के नीचे दबने से मौत हो गई. वहीं गंभीर घायल शांति लाल को जोधपुर रेफर कर दिया गया है. श्रवण और ईश्वर को हल्की चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक इलाज कराया गया है. चट्टान गिरने के दौरान धमाके की आवाज से आसपास काम कर रहे मजदूर चौंक गए.

मौके पर अफरा तफरी और चीख-पुकार मच गई. यहां पहुंचे सुरेश चौधरी ने बताया कि घटना के वक्त जोरदार धमाका हुआ था. ऐसा लगा जैसे कि कोई बम फटा हो. इसके बाद हम यहां दौड़ कर पहुंचे तो देखा कि मजदूर खदान में दबे थे. धूल का गुबार उठ रहा था और लोग इधर-उधर भागने लगे थे. इसके बाद पुलिस को सूचना दी और रेस्क्यू शुरू हुआ.

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कपड़े में भरकर ले जाने पड़े शव, अस्पताल में लगी भीड़

करीब 100 टन वजनी पत्थर के नीचे दबने से तीनों श्रमिकों की बॉडी पिचक गई थी. उन्हें कपड़े में भरकर कर बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचाया गया. जहाँ तीनो के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है, घटना की जानकारी मिलने पर DIG ओमप्रकाश मेघवाल, पाली कलेक्टर एलएन मंत्री, एसपी चूनाराम जाट, एएसपी अकलेश कुमार शर्मा, गुड़ा एंदला थाना पुलिस स्टाफ सहित कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे व घटना की जानकारी ली.

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