5000 संदिग्ध बैंक अकाउंट... 200 करोड़ का ट्रांजैक्शन, पूरे देश में साइबर ठगी कर पैसे भेजे जा रहे दुबई

झुंझुनूं पुलिस को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से जिले के करीब 5000 संदिग्ध बैंक खातों की डिटेल प्राप्त हुई है. इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाली साइबर ठगी के लिए किया गया.

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राजस्थान में साइबर फ्रॉड

Rajasthan Cyber Thug: कभी शिक्षा और अनुशासन के लिए पहचाना जाने वाला झुंझुनू जिला इन दिनों साइबर ठगों के निशाने पर है. साइबर अपराधियों ने जिले के युवाओं को आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेने का नया तरीका अपनाया है. इन्हीं खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है. अब झुंझुनू पुलिस ने साइबर सेल की मदद से इस संगठित साइबर अपराध नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से झुंझुनू पुलिस को करीब 5000 संदिग्ध बैंक खातों की डिटेल प्राप्त हुई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाली साइबर ठगी के लिए किया गया. इन खातों के माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया गया है. 

एक हफ्ते में 28 अकाउंट धारकों की गिरफ्तारी

साइबर ठग जिले के युवाओं को मामूली लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते हैं. इसके बाद साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती है. कई मामलों में खाता धारकों को यह भी नहीं बताया जाता कि उनके खाते का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा है. झुंझुनूं पुलिस को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से जिले के करीब 5000 संदिग्ध बैंक खातों की डिटेल प्राप्त हुई है. इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाली साइबर ठगी के लिए किया गया.

पुलिस के शुरुआती आकलन के अनुसार, इन खातों के माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया गया है. राष्ट्रीय पोर्टल से डिटेल मिलने के बाद झुंझुनू पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. बीते एक सप्ताह में 28 खाता धारकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 7 अन्य खाता धारकों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है. पुलिस का मानना है कि यह संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है.

भारत से ठगी का पैसा सीधा दुबई भेजा जा रहा

झुंझुनू पुलिस की साइबर सेल द्वारा किए गए खातों के गहन विश्लेषण में बड़ा खुलासा हुआ है. साइबर ठगी की रकम को मूल खातों से आगे दुबई भेजा जा रहा है, जहां उसे क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी और बिटकॉइन में बदलकर उपयोग किया जा रहा है. इतना ही नहीं, इस राशि का उपयोग ऑनलाइन गैंबलिंग ऐप्स और अन्य अवैध डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी किया जा रहा है.

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झुंझुनू पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से करीब 5000 खातों की जानकारी मिली है, जिनका गहन विश्लेषण किया जा रहा है. जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि साइबर फ्रॉड की राशि को मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचाने के लिए यूएसडीटी और बिटकॉइन जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि खाते किराए पर देने वाले भी अपराध में बराबर के भागीदार हैं. साइबर क्राइम के इस नेक्सस से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

अकाउंट किराए पर देने वाले पर भी होगी कार्रवाई

झुंझुनू जिला इन दिनों साइबर ठगों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से झुंझुनू पुलिस को करीब 5000 संदिग्ध खातों की जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है. जांच में सामने आया है कि ठगी की राशि दुबई भेजकर यूएसडीटी, बिटकॉइन और ऑनलाइन गैंबलिंग में इस्तेमाल की जा रही है. पुलिस का कहना है कि खाते किराए पर देने वाले भी अपराध में बराबर के दोषी हैं और साइबर ठगी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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