Rajasthan News: राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पानी और बिजली के संकट को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने फलसूंड में आयोजित 'रात्रि चौपाल' के दौरान प्रदेशवासियों को बड़ी खुशखबरी देते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया.
जल जीवन मिशन को मिली नई संजीवनी
शेखावत ने घोषणा की कि राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत रुके हुए कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 4800 करोड़ रुपए स्वीकृत कर सीधे राज्य के खाते में ट्रांसफर कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि जांच और बजट की कमी से ठप पड़े प्रोजेक्ट्स अब तेजी से पूरे होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन की अवधि को वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है और देश के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट जारी किया है.
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, "किसी को नहीं छोड़ूंगा"
रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री का रौद्र रूप भी देखने को मिला. उन्होंने पिछली सरकार और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के हक के पानी में चोरी करने वालों का हश्र पूर्व मंत्री महेश जोशी जैसा ही होगा. शेखावत ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति रहेगी और चाहे कितनी भी बड़ी सिफारिश क्यों न हो, दोषियों को सजा भुगतनी ही पड़ेगी.
वीआईपी नहीं, गरीब को मिले प्राथमिकता
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शेखावत ने जिला कलेक्टर को दो टूक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पानी के वितरण में रसूखदारों के बजाय सबसे पहले गरीब की प्यास बुझाने की चिंता की जाए. अधिकारियों को एक 'फूलप्रूफ मैकेनिज्म' बनाने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार न होना जिला प्रशासन की विफलता माना जाएगा.
अंधेरे में डूबे घरों को 1000 दिन में मिलेगी बिजली
बिजली संकट पर बोलते हुए उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पूर्व में राजस्थान को 100% विद्युतीकृत बताकर केंद्र को गुमराह किया, जबकि जैसलमेर-बाड़मेर की हजारों ढाणियां अब भी अंधेरे में हैं. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि नई योजना के तहत अगले 1000 दिनों में हर छूटे हुए घर तक बिजली पहुंचा दी जाएगी.
यह भी पढ़ें- घर से नहाने निकले थे चार दोस्त, दो लौटे पर दो रह गए पानी में; भीलवाड़ा खदान हादसे से मचा कोहराम