मनरेगा की जगह वीबी-जी राम जी एक्ट... जाने क्या बदला और क्या नहीं, आपके सभी सवालों के जवाब

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रेस वार्ता कर नए कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान कानून से जुड़ी सभी सवालों पर जवाब दिए गए.

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MGNREGA to VB-G RAM G

MGNREGA to VB-G RAM G Act: केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (VB-G RAM G) एक्ट 2025 कानून पारित किया है. बता दें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2009 में UPA की सरकार में लाया गया था. वहीं मनरेगा में भी कई संशोधन हुए. लेकिन अब मनरेगा को हटाकर NDA सरकार ने VB-G RAM G नया कानून लाया है. इस नए कानून की पारित होने के बाद से ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल और सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. विपक्षी दलों का आरोप है कि इससे मनरेगा के तहत मिलने वाले काम के अधिकार को खत्म किया जा रहा है.

इसको लेकर ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रेस वार्ता कर नए कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान कानून से जुड़ी सभी सवालों पर जवाब दिए गए. एनडीटीवी ने ग्रामीण विकास विभाग की सचिव पुष्पा सत्यानी से उन सभी सवालों के जवाब जाने हैं जो आम आदमी के मन में है.

लोगों के मन में सवाल और उसका जवाब

सवाल : क्या मनरेगा के तहत मिलने वाला काम का अधिकार अब नहीं रहेगा? 
जवाब: वीबी-जी राम जी के तहत काम के अधिकार की गारंटी वही रहेगी. बल्कि अब 100 की जगह 125 दिनों के काम की गारंटी मिल रही है. 

सवाल: क्या मनरेगा के तहत मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी अब कम कर दी जाएगी?
जवाब: नहीं, न्यूनतम मजदूरी में कोई बदलाव नहीं होगा. अभी वर्तमान में न्यूनतम मजदूरी 281 रुपए है. वहीं रहेगी. साथ ही जिस तरह हर साल न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जाती है. उसी तरह बढ़ाई जाएगी.

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सवाल: क्या मुझे कम मेरे घर के पास ही मिलेगा या अब नए नियम में दूर भेजा जाएगा? 
जवाब: काम का स्थान निर्धारण करने के लिए नए कानून में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जिस तरह पहले घर के समीप काम दिया जाता था. वहीं नियम लागू रहेंगे. 

सवाल: अगर काम मांगने पर काम नहीं मिलता है तो क्या होगा? 
जवाब: यदि किसी व्यक्ति के काम मांगने के 15 दिन के भीतर उसे काम नहीं मिलता है तो अभी की तरह ही बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. 

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सवाल: क्या नए कानून में ग्राम सभा के अधिकार को सीमित और काम कर दिया गया है? 
जवाब: नहीं, काम के लिए ग्राम सभा ही स्कीम बनाएगी. बस अब यह काम और ज्यादा प्लानिंग के साथ होगा. ताकि श्रमिकों के फायदे के साथ-साथ गांव का विकास भी योजनाबद्ध रूप से हो. 

सवाल: मुझे मेरे काम के पैसे कितने दिनों में मिलेंगे? 
जवाब: मनरेगा के तहत श्रमिक को वेतन का भुगतान 15 दिन में करना होता था. अब यह भुगतान सात दिन के भीतर करने के लिए प्रावधान किए गए हैं.

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सवाल: मेरी अटेंडेंस और मस्टर रोल का सिस्टम क्या रहेगा? 
जवाब: हाजिरी के लिए सभी नियम सामान रहेंगे. इसे और अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. ताकि भ्रष्टाचार भी कम हो. साथ ही सही व्यक्ति को रोजगार मिले. 

सवाल: कानून में और क्या ऐसे बदलाव हो रहे हैं जिससे आम आदमी को फायदा होगा? 
जवाब: कानून को अधिक पारदर्शी बनाया गया है. किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अटेंडेंस के साथ जियो टैगिंग, जीआईएस मैपिंग और एआई तकनीक का सहारा लिया जाएगा. अब प्रशासनिक मद में 6 प्रतिशन को जगह 9 प्रतिशत कार्मिक हो सकेंगे. इससे और टेक्निकल स्टाफ की भर्ती हो पाएगी जिससे कि काम आसानी से हो. इसके अलावा विशेष रूप से योग्यजनों के लिए अलग से कार्ड बनाया जाएगा. ताकि उन्हें उचित काम दे सकें. 

सवाल: 60 दिन का लॉकिंग पीरियड रखा गया है, क्या इससे मेरी मजदूरी मांगने की क्षमता खत्म नहीं होगी? 
जवाब: नहीं, यह 60 दिन की अवधि कृषि कार्यों में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हो पाए इस उद्देश्य से की गई है. इसके लिए राज्य सरकार अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से समय निर्धारित करेंगी. फसल की कटाई बुवाई के वक्त आमतौर पर काफी काम होता है. इसलिए कोई प्रतिकूल प्रभाव श्रमिकों पर नहीं पड़ेगा. 

सवाल: जब वीबी-जी राम जी में सब कुछ पहले जैसा ही है तो नया कानून क्यों लाया गया? 
जवाब: जब मनरेगा कानून लाया गया था. तब उसकी अप्रोच अलग थी. अब समय बदलने के हिसाब से अप्रोच को बदलने की आवश्यकता है. दोनों कानूनी में मुख्य अंतर यह है कि किस तरह के काम करवाए जाने हैं. नए कानून के तहत एक समग्र विकास की एप्रोच के साथ आगे बढ़ा जाएगा.

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