राजस्थान में मूंगफली के बीज की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल ने मंगलवार को चौमूं (जयपुर) स्थित सिल्वर पार्क (रीको) में औचक निरीक्षण किया. इस दौरान ‘एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस' एवं ‘जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज' नामक अनधिकृत कंपनियों द्वारा ‘श्री बालाजी एग्रो सीकर' के नाम से गुणवत्ताहीन मूंगफली बीजों की अवैध पैकेजिंग किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है.
किसानों के हितों की रक्षा एवं नकली-अमानक कृषि उत्पादों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से आज जोधपुर, बीकानेर, सीकर एवं चूरू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में कृषि विभाग की टीमों द्वारा एक साथ व्यापक निरीक्षण एवं कार्रवाई अभियान चलाया गया. कार्रवाई के दौरान अमानक बीज एवं अन्य कृषि उत्पादों के निर्माण और पैकेजिंग में संलिप्त कई अवैध इकाइयों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई.
कंपनियों के रिकॉर्ड चेक किए
जानकारी के अनुसार, कृषि मंत्री अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और विभिन्न बीज कंपनियों के रिकॉर्ड, स्टॉक और गुणवत्ता की जांच करवाई. आरोप है कि बाजार में ऐसे मूंगफली बीज बेचे जा रहे हैं जिनमें फंगस संक्रमण की संभावना है, जिससे किसानों की फसल प्रभावित हो सकती है.
विदेश जाने वाली कई खेप रोकी
मामले में यह भी सामने आया है कि राजस्थान से विदेशों में निर्यात होने वाली मूंगफली की कई खेप गुणवत्ता संबंधी कारणों से रोकी गई हैं. बताया जा रहा है कि खराब बीज और फंगस संक्रमण की शिकायतों के बाद विभाग ने सख्ती दिखाई है.
अवैध रूप से हो रही थी पैकजिंग
किरोड़ी लाल मीणा को निरीक्षण में मौके पर किसान-510 (RG-510), SG-551 एवं RG-578 किस्मों के मूंगफली बीजों की पैकेजिंग के लिए उपयोग में लिए जा रहे लाखों खाली बैग एवं हजारों पैक किए हुए बैग बरामद किए गए, इसके अतिरिक्त लगभग 60 लाख खाली मूंगफली बोरियां और करीब 2 लाख साबुत मूंगफली की बोरियां भी मौके से मिलीं, जिनसे दाना निकालकर अवैध रूप से बीज पैकिंग की जा रही थी.
निरीक्षण के दौरान मूंगफली से दाना निकालने वाली हाईटेक मशीनें एवं पैकेजिंग बैग सिलाई मशीनें भी बरामद की गईं. पूरे मामले में संबंधित इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है.
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