होटल में नाबालिगों से 15 घंटे कराया जा रहा था काम... जले हुए थे बच्चों का हाथ, मानव तस्करी यूनिट का छापा

सीकर के पिपराली रोड स्थित एक होटल से चार नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. कार्रवाई के दौरान बच्चों के हाथों पर जलने के निशान भी मिले. सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया गया है.

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बच्चों को होटल से कराया गया मुक्त

Rajasthan News: सीकर में मंगलवार (19 मई) को मानव तस्करी यूनिट, उद्योग नगर थाना पुलिस और गायत्री सेवा संस्थान की संयुक्त कार्रवाई की गई. जिसमें शहर के पिपराली रोड स्थित एक होटल से चार नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. कार्रवाई के दौरान बच्चों के हाथों पर जलने के निशान भी मिले. सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया गया है. बताया जा रहा था कि बच्चों से 15 घंटे काम कराया जा रहा था.

गायत्री सेवा संस्थान एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के फील्ड कोऑर्डिनेटर अभिषेक बगड़िया ने बताया कि सीकर शहर के पिपराली रोड स्थित एक होटल में लंबे समय से नाबालिग बच्चों से बाल श्रम करवाए जाने की सूचना मिल रही थी. सूचना की पुष्टि होने के बाद मानव तस्करी यूनिट की इंचार्ज सुनीता बायल के निर्देशन में संयुक्त टीम ने होटल पर दबिश दी गई. 

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सुबह 9 बजे रात 12 बजे तक लिया जाता था काम

टीम के छापेमारी के दौरान होटल में काम करते हुए चार नाबालिग लड़के मिले, जिनके हाथ कई जगह से जले हुए पाए गए. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी बच्चे दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं और उनसे रोजाना करीब 14 से 15 घंटे तक काम कराया जाता था. बच्चों से सुबह 9 बजे से देर रात 11-12 बजे तक होटल में काम लिया जाता था. साथ ही रहने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी उचित व्यवस्था नहीं थी. बच्चों को होटल के ऊपरी हिस्से में रखा गया था.

फिलहाल सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया गया है. वहीं होटल संचालक के खिलाफ बाल श्रम और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है.

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