India-US Trade Deal: 'विपक्ष देख रहा है मुंगेरीलाल के सपने!' जोधपुर में गरजे शेखावत, ट्रेड डील को बताया 'मदर ऑफ ऑल डील्स'

'विपक्ष सिर्फ मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहा है'. जोधपुर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया है. जानिए शेखावत ने कैसे समझाया कि क्यों पूरी दुनिया के सामने भारत अब एक आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरा है.

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फाइल फोटो
X@gssjodhpur

Rajasthan News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब आर्थिक महाशक्ति बनने की उस दहलीज पर खड़ा है, जहां से पीछे मुड़कर देखना नामुमकिन है. जोधपुर दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हुंकार भरते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है. शेखावत ने केंद्र सरकार के बजट और अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील को भारत के लिए 'गेमचेंजर' करार दिया है. उन्होंने साफ कहा कि अब भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता.

समझौते को बताया 'मदर ऑफ ऑल डील्स'

गजेंद्र सिंह शेखावत ने यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ हुए समझौतों पर बड़ा बयान देते हुए इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमाई है, उससे देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में क्रांति आने वाली है. यह सिर्फ एक समझौता नहीं है, बल्कि भारत के एक्सपोर्ट (निर्यात) के लिए वह खुला आसमान है जिसकी कल्पना पहले कभी नहीं की गई थी. शेखावत के मुताबिक, इन डील्स से भारत में रोजगार और निवेश की बाढ़ आने वाली है.

'मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही कांग्रेस'

अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने जमकर पलटवार किया. उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष अभी अंधेरे में तीर चला रहा है. जब डील का मसौदा ही सामने नहीं आया, तो आरोप किस बात के? शेखावत ने कहा कि विपक्ष का विरोध सिर्फ 'दीवा स्वप्न' (दिन में सपने देखना) जैसा है. अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए विपक्ष झूठ का पहाड़ खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनता हकीकत जानती है.

'खैरात देने के बजाय सशक्तिकरण पर जोर'

बजट को देश का भविष्य बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह मोदी सरकार का 11 साल में 12वां बजट है, जो सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि 2047 के 'विकसित भारत' का रोडमैप है. शेखावत ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार लोगों को 'सहयोग' (खैरात) देने के बजाय उनके 'सशक्तिकरण' (Empowerment) पर विश्वास करती है. उन्होंने कहा, 'हमारे लिए सत्ता से बड़ा देश है, इसीलिए हम कड़े और बड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटते.'

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'विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में लंबी छलांग'

अमेरिकी टैरिफ के डर को दरकिनार करते हुए शेखावत ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच जो ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ है, उसने देश के भीतर उत्साह की नई लहर पैदा कर दी है. प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति का ही परिणाम है कि आज अमेरिका जैसे देश भारत के साथ बराबरी की मेज पर बैठकर डील कर रहे हैं. यह बजट और यह डील मिलकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक लंबी छलांग है.

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