राजस्थान में सांचौर के धोरीमन्ना इलाके में बुधवार, 18 मार्च को एक मामूली विवाद पर एक ट्रक ड्राइवर को पत्थर चलाकर मार डालनेवाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस घटना के विरोध में मृतक के परिजन व ग्रामीण मोर्चर के बाहर धरने पर बैठ गए थे और आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया था. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार शाम को उनका धरना समाप्त हो गया. पुलिस ने इशरोल निवासी 45 वर्षीय ट्रक ड्राइवर विशनाराम प्रजापत का शव उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. बुधवार, 18 मार्च की शाम को विशनाराम अपने ट्रक पर साथी जसवंत के साथ धोरीमन्ना के चार रास्ता से लोहारवा जा रहा था जब बाइक सवार दो युवकों से ट्रक छू जाने को लेकर मामूली कहासुनी हो गई थी. मामला उस वक्त शांत हो गया, लेकिन आरोपियों ने ट्रक का पीछा किया और 7 किलोमीटर दूर ड्राइवर पर पत्थरों से हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई.
2 जिलों की 10 टीमें कर रही थीं आरोपियों की तलाश
दोनों आरोपियों की तलाश के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के नेतृत्व में सीओ सुखराम बिश्नोई सहित बाड़मेर और बालोतरा जिले की करीब 10 टीमों का गठन किया गया था. तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को सांचौर क्षेत्र से गिरफ्तार किया.
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी कुरियर डिलीवरी का काम करते हैं और फलसूंड से लौट रहे थे. आरोपियों की पहचान दीपक कुमार (26),निवासी कुनिता, थाना माढ़ण नीमराणा, जिला कोटपूतली-बहरोड़ और वसनाराम (23), निवासी बड़सम, सांचौर के रूप में हुई है. पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर लगातार पूछताछ कर रही है.
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों ने ट्रक का पीछा कर सरहद खरड़ क्षेत्र में खारकी बेरी के पास ट्रक रुकवाया. दोनों के हाथ में पत्थर थे जिससे उन्होंने ट्रक का शीशा तोड़ते हुए सीधे चालक पर ताबड़तोड़ वार किए. पत्थर विशनाराम की कनपटी और शरीर पर लगे, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वारदात के बाद आरोपी बाइक लेकर फरार हो गए.
मोर्चरी के बाहर धरना दिया गया जहां स्थानीय विधायक भी पहुंचे
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ठेके से मिला सुराग
पुलिस को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सबसे अहम सुराग शराब के एक ठेके से मिला. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना से पहले दोनों आरोपी गुड़ामालानी रोड स्थित एक शराब ठेके पर पहुंचे थे. दोनों ने वहां शराब पी और पैसे का मोबाइल से भुगतान किया. यही भुगतान पुलिस के लिए अहम सुराग बना. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर लोकेशन निकाली और आरोपियों को शिकंजे में ले लिया.
मुआवजे की घोषणा
इस मामले में सरकार की ओर मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की गई है. चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल धरना स्थल पर पहुंचे थे और परिजनों से बातचीत की थी. सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए मुआवजा और एक प्लॉट देने की घोषणा के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए और धरना समाप्त किया.
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