BSF की लोकेशन और फोटो-वीड‍ियो पाक‍िस्‍तान को भेजता था मुस्‍ताक अली, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

जैसलमेर से ग‍िरफ्तार पाकिस्‍तानी एजेंट मुस्‍ताक अली को आज जयपुर के कोर्ट में पेश क‍िया गया, जहां से 5 द‍िन के र‍िमांड पर भेज द‍िया गया. राजस्थान CID इंटेलिजेंस पूछताछ करके सच उगलवाएगी.  

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पाकिस्तानी जासूस मुस्ताक अली दो साल से जासूसी कर रहा था. (Photo- NDTV)

राजस्थान के जैसलमेर से गिरफ्तार ISI एजेंट मुस्ताक अली को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुस्ताक पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स को सेना और BSF की गतिविधियों की लोकेशन और फोटो-वीडियो भेज रहा था. इतना ही नहीं, उसकी चाय की दुकान को जासूसी का सेंटर बनाने की साजिश भी रची गई थी. 

सैन्य जानकारियां पाकिस्तान भेजता था 

राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने जैसलमेर के नाचना क्षेत्र से ISI एजेंट मुस्‍ताक अली को गिरफ्तार क‍िया था. जासूस मुस्ताक अली करीब 2 सालों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स के संपर्क में था, और बॉर्डर क्षेत्र से संवेदनशील सैन्य जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था. 

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नजीर अहमद ने दी थी ट्रेनिंग   

जांच में सामने आया कि मुस्ताक अली के मोबाइल फोन में पाकिस्तान में सक्रिय 2 व्यक्तियों खालिद और नजीर अहमद के मोबाइल नंबर मिले हैं. दोनों पाकिस्तान में रहकर ISI के लिए एजेंट को-ऑर्डिनेटर और ट्रेनर के रूप में काम करते हैं. नजीर अहमद, मुस्ताक अली का रिश्तेदार (बुआ का बेटा) है, और उसी ने खालिद को भी जासूसी की ट्रेनिंग दी थी. 

सटीक चिह्नित कर सकें 

सीआईडी इंटेलिजेंस की जांच में यह भी सामने आया है कि मुस्ताक अली गूगल ऐप कैम मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजता था. इस एप की मदद से भेजी गई तस्वीरों और वीडियो के साथ सटीक Latitude और Longitude की जानकारी भी साझा होती थी, जिससे पाकिस्तानी हैंडलर्स सैन्य ठिकानों और गतिविधियों की सटीक लोकेशन चिह्नित कर सकें, ज‍िससे किसी भी तरह के अटैक की स्थिति में टार्गेट सटीक हो. 

"चाय की दुकान खोलने का टास्क दिया था"

पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मुस्ताक को जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में बॉर्डर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चाय की दुकान खोलने का टास्क दिया था. इस दुकान से उसे बीएसएफ और सेना की गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का टास्क दिया गया था. यदि समय रहते जासूस मुस्ताक की गिरफ्तारी नहीं होती तो चाय की दुकान पर लाइव वीडियो कैमरा लगाने की भी तैयारी थी, जिससे सीमा क्षेत्र की गतिविधियों की लाइव अपडेट को पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाया जा सके. 

वित्तीय लेन-देन का भी खुलासा 

जांच में UPI के माध्यम से 25 से 30 हजार रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का भी खुलासा हुआ है. एजेंसियां इस धनराशि के स्रोत और उपयोग की जांच कर रही है. सबसे अहम बात यह सामने आई है कि मुस्ताक अली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था. इसी अवधि में उसके द्वारा कई बार संवेदनशील जानकारियां साझा किए जाने की आशंका जताई जा रही है. 

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22 जून तक रिमांड पर भेजा 

राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने मुस्ताक अली को जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र स्थित हिगोला की ढाणी, खारिया से गिरफ्तार किया था. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 22 जून तक रिमांड पर भेज दिया है. सीआईडी इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क, पाकिस्तानी संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और संभावित सहयोगियों की गहन जांच में जुटी हुई. 

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