Rajasthan News: महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में परीक्षा की कॉपी की गोपनीयता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है. बीते 12 नवंबर को आयोजित बीए फर्स्ट ईयर के सेकंड सेमेस्टर (हिस्ट्री ऑफ इंडिया) की परीक्षा की कॉपियां बच्चों द्वारा जांचे जाने का एक वीडियो 15 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. अब इस वीडियो पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए एक हाई लेवल जांच कमेटी का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अब कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
वीडियो में दिख रही लापरवाही की पुष्टि
वीडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमेटी ने इस गंभीर लापरवाही की जांच की, जिसके तहत नागौर के बलदेव राम मिर्धा राजकीय कॉलेज के प्राचार्य हरसूख छरंग को कमेटी के समक्ष तलब किया गया था. जांच के दौरान संबंधित परीक्षक सुरेशचंद बेंदा को भी बयान देने के लिए बुलाया गया, जहां वीडियो में दिख रही लापरवाही की पुष्टि हुई. कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि परीक्षक ने कॉपियों को असुरक्षित छोड़ दिया था, जिससे बच्चों को उनके साथ छेड़छाड़ करने का मौका मिला.
कॉपी जांचने की लापरवाही बरतने पर एफआईआर
वीडियो के सही पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय के निर्देशों पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया. जांच कमेटी के निष्कर्षों के आधार पर मिर्धा कॉलेज के प्राचार्य ने नागौर कोतवाली थाने में परीक्षक सुरेशचंद बेंदा और उनके उन दो रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है, जो इस कृत्य में शामिल थे.
पुलिस ने सरकारी दस्तावेजों के साथ लापरवाही बरतने और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह वीडियो कब और कहां बनाया गया और इसमें अन्य किन लोगों की संलिप्तता थी. इस कार्रवाई से शिक्षण जगत और परीक्षा मूल्यांकन कार्य से जुड़े कार्मिकों में हड़कंप मचा हुआ है.
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