नागौर में सुलेमान के घर पर चलेगा बुलडोजर! अवैध विस्फोटक का साम्राज्य खड़ा कर चुका था आरोपी

नागौर के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में 24 जनवरी को 9 हजार 550 किलो विस्फोटक मिला था. इस मामले में एसआईटी जांच जारी है. वहीं, कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया है.

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नागौर में पिछले महीने मिले विस्फोटक के मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. मुख्य सड़क से करीब 4 किलोमीटर सुनसान जगह पर ऊंची दीवारों से घिरा सुलेमान का अवैध किला अब ढहाया जाएगा. वहीं, सुलेमान को विस्फोटक सप्लाई करने वाले उसका साथी नर्सिंगकर्मी जेल के पीछे है. जिले के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में 24 जनवरी को 9 हजार 550 किलो विस्फोटक मिला था. एसआईटी ने आरोपी सुलेमान खान को विस्फोटक सप्लाई करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एसआईटी ने चारों सप्लायरों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में इन आरोपियों ने अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं. अब पुलिस उन पर दबिश देने की तैयारी कर रही है.

रेवेन्यू डिपार्टमेंट को दी गई थी सूचना

एसआईटी उन लोगों को धर-दबोचने की तैयारी कर रही है, जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं. उनके खिलाफ पुलिस एविडेंस एकत्रित कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है. नागौर एसपी के मुताबिक, प्रारंभिक तथ्यों और जानकारी में सामने आया कि हरसौर में सुलेमान खान द्वारा बनाया गया फार्म हाउस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बना है. इसे लेकर पुलिस द्वारा नागौर के रेवेन्यू डिपार्टमेंट को सूचना दी गई है. रेवेन्यू डिपार्टमेंट से जानकारी मिलने पर आरोपी की अवैध संपत्ति पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आरोपी की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर भी चलाई जा सकती है.

नागौर के 3 और चित्तौड़गढ़ का एक आरोपी गिरफ्तार

पकड़े गए आरोपियों में तीन नागौर जिले के ही है तो वहीं एक आरोपी चित्तौड़गढ़ का रहने वाला है. एसआईटी ने नागौर के भरत कुमार, देवराज मेड़तिया, महेंद्र पाल सिंह और चित्तौड़गढ़ जिले के बंसीलाल बंजारा को गिरफ्तार किया. कल (4 फरवरी) सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. ये सभी आरोपी अलग-अलग इलाके में मैगजीन (लाइसेंस प्राप्त स्टोरेज सेंटर) का संचालन करते हैं. सुलेमान खान इनसे विस्फोटक खरीदकर महंगे दामों में बेचता था.

जरूरत पड़ी तो फिर से रिमांड मांगेगी पुलिस

बंसीलाल बंजारा के पास 3 हजार किलो, महेंद्र पाल के पास 4 हजार 500 किलो, भरत के पास 2 हजार किलो मैगजीन का लाइसेंस है. वहीं, अन्य आरोपी देवराज मेड़तिया ने दो साल पहले लाइसेंस सरेंडर कर दिया था. इसके बाद वह कुचेरा सीएचसी में संविदा पर नर्सिंगकर्मी के रूप में काम करता है. इसी दौरान वह अवैध रूप से विस्फोटक सप्लाई भी किया करता था. मामले में नागौर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि सुलेमान खान और चार अन्य आरोपियों को जेल में हैं. अगर जरूरत पड़ती है तो उनको दोबारा पीसी डिमांड पर लिया जा सकता है.

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