ईमानदारी की मिसाल बना नरेंद्र बिलोची, पुष्कर में विदेशी पर्यटक के खोए पर्स लौटाने के लिए किया यह काम

पकवान की दुकान चलाने वाले नरेंद्र बिलोची को मंगलवार, 2 दिसंबर को उनकी दुकान के पास एक पर्स मिला. पर्स खोलने पर उसमें भारतीय व विदेशी मुद्रा के अलावा एक विदेशी महिला पर्यटक के महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले.

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Rajasthan News: पुष्कर  में भारतीय संस्कृति की ‘अतिथि देवो भव' परंपरा को चरितार्थ करने वाला मामला सामने आया है. वराह घाट चौक पर पोहा-पकवान की दुकान चलाने वाले नरेंद्र बिलोची को मंगलवार, 2 दिसंबर को उनकी दुकान के पास एक पर्स मिला. पर्स खोलने पर उसमें भारतीय व विदेशी मुद्रा के अलावा एक विदेशी महिला पर्यटक के महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले. नरेंद्र ने बिना समय गंवाए स्थानीय सोशल मीडिया समूहों की मदद से पर्यटक की पहचान व संपर्क तलाशने का प्रयास शुरू किया.

सोशल मीडिया की मदद से खोजी स्वीडन की पर्यटक

पर्स में मौजूद दस्तावेजों के आधार पर नरेंद्र ने करीब एक घंटे तक सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा की, तब जाकर सूचना स्वीडन की 66 वर्षीय महिला पर्यटक क्रिस्टीन मार्गरिटा तक पहुंची. वह तुरंत वराह घाट पहुंचीं, जहां नरेंद्र ने ईमानदारी और मानवीयता का परिचय देते हुए पर्स उन्हें लौटा दिया. पर्स मिलने के बाद क्रिस्टीन बेहद खुश हुईं और भारतीय लोगों की मददगार प्रवृत्ति की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि वह कई बार भारत आ चुकी हैं और हर बार यहां की सादगी, दया और सहयोग भाव से प्रभावित रहती हैं.

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नरेंद्र बिलोची ने कहा यह उनका कर्तव्य था

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय व्यापारी नरेंद्र बिलोची ने कहा कि विदेशी पर्यटक हमारे देश के मेहमान हैं और उनके दस्तावेज़ या पर्स खो जाने पर उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में मदद करना एक इंसान होने के नाते हमारा कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि इंसानियत सबसे ऊपर है और समाज में हर व्यक्ति को समय-समय पर जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए. नरेंद्र की इस ईमानदारी ने न केवल भारत की सकारात्मक छवि को फिर मजबूत किया, बल्कि पुष्कर की मेजबानी परंपरा को भी नई ऊंचाई दी.

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