Sikar News: देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के बाद राजस्थान के सीकर से एक बेहद भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ (Vinod Jakhar) ने शुक्रवार को मृतक नीट अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल (Pradeep Meghwal) के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की फोन पर पीड़ित परिवार से सीधी बातचीत करवाई. इस बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने भावुक होकर परिवार से 4 सवाल पूछे और उनकी मांगें सुनकर बड़ा आश्वासन दिया.
राहुल गांधी ने कौन से सवाल पूछे और क्या जवाब मिला?
सवाल 1: प्रदीप कितने समय से NEET की तैयारी कर रहे थे?
जवाब (पिता): मेरा बेटा तीन साल से पढ़ाई कर रहा था. एग्जाम के बाद जैसे ही वो सेंटर से बाहर निकला तो उसने मुझे फोन कर बताया था कि उसका सिलेक्शन इस बार हो जाएगा. पेपर बहुत अच्छा गया है. लेकिन कुछ दिन बाद जैसे ही पेपर लीक वाली बात सामने आई, उसने सुसाइड कर लिया.
सवाल 2: क्या प्रदीप का ये पहला अटेम्प्ट था या पहले भी NEET का पेपर दिया था?
जवाब (पिता): ये तीसरी बार था जब मेरे बेटे ने NEET का पेपर दिया था. पिछले दो सालों में उसका सिलेक्शन नहीं हुआ था.
हम नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं वो नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ पहले दिन से छात्रो के साथ खड़े हैं !
— VINOD JAKHAR (@VinodJakharIN) May 22, 2026
नीट पेपर लीक के कारण जिन परिवारों ने अपने बच्चे खोए हैं वह इस दुख की घड़ी में उनके साथ में हैं।
हम विश्वास दिलाते हैं @nsui पूरे देश में पेपर… pic.twitter.com/t759wHqJTl
सवाल 3: मृतक प्रदीप के कितने भाई-बहन हैं?
जवाब (पिता): पिता ने रोते हुए बताया कि मेरे चार बच्चे हैं. 1 बेटा और 3 बेटियां. बेटे ने सुसाइड कर लिया है, अब बस बेटियां हैं.
सवाल 4: मैं आपकी किस तरह से मदद कर सकता हूं? मुझे बताएं.
जवाब (विनोद जाखड़ और परिजन): विनोद जाखड़ ने फोन पर राहुल गांधी को बताया कि परिजनों ने प्रदीप को लोन लेकर पढ़ाया था. ये लोग बोल नहीं पा रहे हैं. इस परिवार ने अपने बेटे की सफलता के लिए अपनी पूरी जमीन तक बेच दी है. इन पर फिलहाल 11 लाख रुपये का लोन है. आज यह परिवार बहुत ही बदहाल स्थिति में है और टीन की छत वाले महज 2 कमरों के मकान में रहता है. परिजनों के अनुसार, प्रदीप के नीट के पेपर में 700 में से 650 नंबर आने वाले थे. एग्जाम के बाद से ही प्रदीप बहुत खुश था. जैसे ही उसने पेपर रद्द होने की खबर सुनी, उसने किराए के कमरे में सुसाइड कर लिया.
मांग सुनकर बोले राहुल गांधी- 'वो तो हम पूरी कर सकते हैं'
प्रदीप के चाचा ने बताया कि जिस मकान में वह रहता था, उसकी छत टीन शेड से बनी थी और उसी से फंदा लगाकर प्रदीप ने अपनी जान दे दी. परिवार ने राहुल गांधी के सामने अपनी मांगें रखते हुए कहा, 'हमें मदद में सिर्फ न्याय चाहिए. पेपर माफिया को फांसी हो और आगे ऐसा कुछ ना हो, इसके लिए कड़ा कानून बने.' यह सब सुनने के बाद राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार की मांग पर पूरा भरोसा दिलाते हुए कहा, 'वो तो हम बिल्कुल कर सकते हैं.'
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