नागौर अवैध विस्फोटक मामले की जांच को NIA ने किया टेकओवर, 9550 किलो विस्फोटक मामले की खुलेंगी परतें

गणतंत्र दिवस से पहले 24 जनवरी को नागौर के हरसौर गांव में 187 कट्टों में 9550 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला था. इसके साथ ही करीब 5000 गुल्ले, 8750 डेटोनेटर्स और 18000 मीटर लंबा वायर भी मिला.

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Nagaur Illegal Explosive Case: राजस्थान के नागौर जिले में हाल ही में भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक पकड़ा गया था. इस मामले की जांच पुलिस कर रही थी. लेकिन अब अवैध विस्फोटकों की जब्ती के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली है. नागौर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि अब इस मामले में NIA जांच करेगी. मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और जानकारी हमसे जुटाई गई है. ये मामला NIA को हैंडओवर कर दिया गया है. 

24 जनवरी को पकड़ा गया था अवैध विस्फोटक

जानकारी के मुताबिक, अब एनआईए की टीम थांवला और हरसौर जाकर जांच करेगी. दरअसल, गणतंत्र दिवस से पहले 24 जनवरी को हरसौर गांव में 187 कट्टों में 9550 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला था. इसके साथ ही करीब 5000 गुल्ले, 8750 डेटोनेटर्स और 18000 मीटर लंबा वायर भी मिला. इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और समान जिससे धमाका हो सकता है. 

SIT कर रही थी जांच

मामले में आरोपी सुलेमान खान 58 साल का है. इसके ऊपर पहले भी इस तरह के कई मामले दर्ज है. पुलिस को अपने इंटेलीजेंस से ये सूचना मिली. इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश दी. जांच में पता चला कि आरोपी का फार्म हाउस भी अवैध था. इसके बाद पुलिस ने मामले में एसआईटी गठित की थी. जिला पुलिस की एसआईटी टीम की जांच के बाद मुख्य आरोपी सुलेमान खान को विस्फोटक सप्लाई करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 

4 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

पकड़े गए आरोपियों में तीन नागौर जिले के ही है तो वहीं एक आरोपी चित्तौड़गढ़ का रहने वाला है. SIT ने नागौर के भरत कुमार, देवराज मेड़तिया, महेंद्र पाल सिंह और चित्तौड़गढ़ जिले के बंसीलाल बंजारा को गिरफ्तार किया. आज सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. ये सभी आरोपी अलग अलग इलाके में मैगजीन (लाइसेंस प्राप्त स्टोरेज सेंटर) का संचालन करते हैं. सुलेमान खान इनसे विस्फोटक खरीदकर महंगे दामों में बेचता था. 

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अब इस मामले में एनआईए सभी एंगल से जांच करेगी. गणतंत्र दिवस से पहले मिले विस्फोटक ने इस मुद्दे को गंभीर बना दिया.

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