Rajasthan politics: राजस्थान की राजनीति में आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर कोई नई बात नहीं है, लेकिन मेवाड़ की धरती के निम्बाहेड़ा-छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र में यह मुकाबला अब बेहद व्यक्तिगत और तीखा हो चला है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रदेश के दो दिग्गज नेता-पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और वर्तमान विधायक व पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी- एक-दूसरे के आमने-सामने हैं.
विधानसभा में उठा 'मूर्तियों' का मामला
इस राजनैतिक घमासान की शुरुआत 25 फरवरी को हुई, जब राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने विधानसभा में निम्बाहेड़ा में मूर्तियों की खरीद और सड़क टेंडर में हुई कथित धांधली का मुद्दा उठाया. इस मुद्दे ने क्षेत्र की राजनीति में चिंगारी का काम किया, जो अब शोला बन चुकी है.
झूठ का पुलिंदा है कृपलानी का भाषण- उदयलाल आंजना
तीन दिन पहले निम्बाहेड़ा-मंगलवाड़ फोरलेन सड़क के भूमि पूजन के दौरान विधायक श्रीचंद कृपलानी ने बिना नाम लिए उदयलाल आंजना पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके जवाब में आंजना ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कृपलानी के दावों को 'झूठ का पुलिंदा' करार दिया।
आंजना के प्रमुख आरोप
आंजना का दावा है कि जिस फोरलेन का श्रेय कृपलानी ले रहे हैं, उसकी वित्तीय स्वीकृति पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने बजट 2023-24 में ही दे दी थी. आरोपों को लेकर आंजना ने श्रीचंद कृपलानी को खुली चुनौती देते हुए कहा किअगर पूर्व यूडीएच मंत्री खुद को पाक-साफ समझते हैं, तो 1990 से 2023 तक के सभी विकास कार्यों और पिछले ढाई साल के भाजपा बोर्ड के कार्यों की जांच एसीबी (ACB) या किसी उच्च स्तरीय कमेटी से करवा लें. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जांच से पता चल जाएगा कि किसने व्यापार से पैसा कमाया और किसने राजनीति की आड़ में उदयपुर में 'होटलों के साम्राज्य' खड़े किए.
कृपलानी का जवाब अब मैं बताऊंगा भ्रष्टाचार क्या होता है
वहीं दूसरी ओर, विधायक श्रीचंद कृपलानी भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं. उन्होंने सार्वजनिक मंच से गरजते हुए कहा था कि आपने विधानसभा में मामला उठाया है, अब मैं बताऊंगा कि कांग्रेस के 5 सालों में कितने करोड़ के भ्रष्टाचार हुए हैं.
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