PM-Kusum में राजस्थान नंबर-1, 1.41 लाख किसानों को दिन में बिजली देने पर मिला 'गोल्ड'

डिस्कॉम चेयरमैन आरती डोगरा ने दिल्ली में यह सम्मान लिया. सरकार का अगला लक्ष्य 3 लाख से ज्यादा किसानों को इससे जोड़ने का है.

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राजस्थान का देश में बजा डंका, 'सोलर' से बदली किसानों की तकदीर; दिल्ली में मिला गोल्ड अवार्ड
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के किसानों के लिए यह खबर किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है. अब उन्हें रबी की फसल की सिंचाई के लिए हाड़ कंपाने वाली ठंड में रातभर जागना नहीं पड़ेगा. राजस्थान ने पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत खेती को सौर ऊर्जा से जोड़ने में पूरे देश में बाजी मार ली है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बुधवार को केंद्र सरकार ने राजस्थान डिस्कॉम्स को 'गोल्ड अवॉर्ड' (Gold Award) से नवाजा है. दिल्ली के स्कोप ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा को यह सम्मान सौंपा है.

1.41 लाख किसानों की बदली तकदीर

यह अवॉर्ड सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि राजस्थान के 1.41 लाख किसान परिवारों की बदली हुई जिंदगी का प्रमाण है. पहले किसानों को बिजली आपूर्ति के लिए रात का इंतजार करना पड़ता था. सर्दी में रात को खेत में पानी देना बेहद कठिन और जोखिम भरा था. लेकिन अब, पीएम-कुसुम (कम्पोनेंट-सी) के तहत राजस्थान के 22 जिलों में कृषि फीडर्स को सोलर से जोड़ दिया गया है. इसका नतीजा यह हुआ है कि अब किसानों को दिन में ही भरपूर बिजली मिल रही है.

NDTV से बोलीं आरती डोगरा- 'यह बहुत बड़ी उपलब्धि है'

अवॉर्ड ग्रहण करने के बाद राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने NDTV राजस्थान से फोन पर खास बातचीत में कहा, 'हमने मैक्सिमम कुसुम फीडर्स का सोलराइजेशन किया है. इसका सीधा लाभ प्रदेश के 1 लाख से ज्यादा किसानों को मिल रहा है. पहले किसानों की सबसे बड़ी शिकायत यही रहती थी कि रबी की फसल के लिए दिन में बिजली नहीं मिलती. अब वे पूरी तरह सौर ऊर्जा के जरिए दिन में सिंचाई कर रहे हैं. यह सरकार और किसानों दोनों के लिए गर्व की बात है.'

आंकड़ों में राजस्थान का 'दम'

आंकड़ों के नजरिए से देखें तो राजस्थान का 'दम' साफ दिखाई देता है. पीएम-कुसुम (कम्पोनेंट-सी) योजना में प्रदेश ने पूरे भारत में प्रथम (अग्रणी) स्थान हासिल किया है. राज्य में अब तक कुल 1307 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 2877 मेगावाट है. विशेष रूप से फीडर सोलराइजेशन के तहत 2333 मेगावाट क्षमता वाले 899 प्लांट काम कर रहे हैं. इन प्रयासों का सबसे सुखद परिणाम यह है कि प्रदेश के 1,41,589 किसान सीधे तौर पर इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं.

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ऊर्जा मंत्री का दावा- 'सरप्लस स्टेट' बनेगा राजस्थान

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इस सफलता पर जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम की टीमों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुसार, राजस्थान जल्द ही 'एनर्जी सरप्लस' स्टेट बनेगा. सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक सौर ऊर्जा क्षमता को 5018 मेगावाट तक ले जाने का है, जिससे 3.62 लाख किसान लाभांवित होंगे.

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