Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में बुधवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सियासी गलियारों में चर्चा छेड़ दी. मौका था बीजेपी प्रदेश कार्यालय में जनसुनवाई का, जहां अपनी फरियाद लेकर सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता नहीं, बल्कि कांग्रेस के एक बड़े नेता पहुंचे थे. गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने न केवल उनकी बात सुनी, बल्कि पिछली सरकार पर तीखे तंज भी कसे.
जब बीजेपी दफ्तर पहुंचे कांग्रेस नेता सतीश पांडे
भुसावर के दिग्गज कांग्रेस नेता सतीश पांडे जब भाजपा कार्यालय पहुंचे, तो हर कोई हैरान रह गया. वे अपनी समस्याएं लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के सामने पेश हुए. मंत्री बेढम ने उनकी परिवेदना स्वीकार करते हुए कहा- 'कांग्रेस राज में जिनकी सुनवाई नहीं हुई, उनके काम अब भजनलाल सरकार कराएगी. यह मुख्यमंत्री की कार्यशैली ही है कि विपक्ष को भी अब हम पर भरोसा है.'
'जीरो' नंबर वालों को बनाया अफसर!
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री बेढम ने SOG की कार्रवाई पर विस्फोटक खुलासे किए. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड में किस कदर 'अंधेरगर्दी' मची थी. बेढम ने दावा किया कि अधिकारियों ने पैसे लेकर OMR सीटें बदलीं. मंत्री ने कहा- 'जो लोग एग्जाम में जीरो या माइनस नंबर ला रहे थे, उन्हें फर्जी तरीके से सिलेक्शन लिस्ट में डाल दिया गया. अब एक-एक अपराधी सलाखों के पीछे होगा.'
'एग्जाम सेंटर पर कोई धर्म-मजहब नहीं'
बूंदी में परीक्षा के दौरान हिजाब हटवाने के मामले पर मंत्री बेढम ने दो टूक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं होगा. मंत्री ने कहा, 'परीक्षा केंद्र के प्रभारी अगर नियमों के तहत जांच करते हैं, तो सबको सहयोग करना चाहिए. मजहब अपनी जगह है, लेकिन एग्जाम सेंटर के नियमों का पालन करना हर युवा का कर्तव्य है.'
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