Rajasthan: 'डर के आगे जीत' वाले विज्ञापन पर फंसे ऋतिक रोशन, कोर्ट ने सुपरस्टार समेत माउंटेन ड्यू को भी थमाया नोटिस

झालावाड़ कोर्ट ने सुपरस्टार ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू को भ्रामक विज्ञापन के मामले में नोटिस भेजा है. जानें एडवोकेट गुरचरण सिंह ने क्यों दर्ज कराया केस और क्या है पूरा मामला.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू की बढ़ी मुश्किलें, झालावाड़ कोर्ट ने थमाया नोटिस; 'भ्रामक विज्ञापन' पर फंसा सुपरस्टार

Rajasthan News: राजस्थान के झालावाड़ में बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और मशहूर कोल्ड ड्रिंक कंपनी माउंटेन ड्यू (Mountain Dew) एक कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. झालावाड़ उपभोक्ता न्यायालय (Jhalawar Consumer Court) ने एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए अभिनेता और कंपनी दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. यह पूरा मामला टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले उन विज्ञापनों से जुड़ा है, जिनमें उत्पाद के सेवन से 'असाधारण स्फूर्ति और एनर्जी' मिलने का दावा किया जाता है. कोर्ट ने प्रारंभिक तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए ऋतिक रोशन और कोल्ड ड्रिंक निर्माता कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं.

एडवोकेट ने खुद पर किया 'प्रयोग', फिर पहुंचे कोर्ट

इस कानूनी कार्रवाई की शुरुआत झालावाड़ बार एसोसिएशन के सदस्य एडवोकेट गुरचरण सिंह द्वारा दायर एक परिवाद से हुई. एडवोकेट सिंह का आरोप है कि टीवी पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों में माउंटेन ड्यू पीने से शरीर में ऊर्जा का संचार होने और डर पर जीत पाने जैसे जो दावे किए जाते हैं, वे हकीकत से कोसों दूर हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने विज्ञापन से प्रभावित होकर खुद इस उत्पाद का उपयोग किया, लेकिन उन्हें विज्ञापनों में किए गए दावों जैसा कोई भी परिणाम नहीं मिला. उनका आरोप है कि यह प्रचार पूरी तरह निराधार है और केवल उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए तैयार किया गया है.

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप

एडवोकेट गुरचरण सिंह ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(28) के तहत स्पष्ट रूप से 'भ्रामक विज्ञापन' की श्रेणी में आता है. परिवाद में कहा गया है कि सेलिब्रिटी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर गलत दावों के माध्यम से आम जनता को आकर्षित करना और उत्पाद की बिक्री बढ़ाना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से अपराध भी है. उपभोक्ता न्यायालय के सदस्य ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई में इन तथ्यों को प्रथम दृष्टया सही माना है, जिसके बाद सुपरस्टार और कंपनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.

जिले में छिड़ी बहस, कानूनी कार्रवाई की तलवार

झालावाड़ में इस मामले ने जोर-शोर से चर्चा बटोरी है और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू कंपनी को अपना आधिकारिक जवाब पेश करना होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि न्यायालय में भ्रामक विज्ञापन के आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो कंपनी के साथ-साथ विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी पर भी भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल, इस नोटिस ने विज्ञापनों की दुनिया और मशहूर हस्तियों की जिम्मेदारी पर सवालिया निशान लगा दिया है.

Advertisement

ये भी पढ़ें:- 'लिंग जांच का मतलब अबॉर्शन की साजिश नहीं', HC ने निचली अदालत को फटकारा, डॉक्टर को दी आंशिक राहत

LIVE TV देखें