अजमेर दरगाह शरीफ मामले पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा- कोर्ट जो फैसला लेगी मानना होगा

अजमेर के सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में राठौड़ ने कहा, ‘‘अजमेर दरगाह शरीफ मामले को अभी आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा. न्यायायल का जो निर्णय होगा, उसे सभी को मानना होगा.

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Ajmer Dargah: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार को कहा कि अजमेर दरगाह शरीफ मामले में न्यायालय का जो भी निर्णय होगा उसे सभी को मानना होगा. अजमेर के सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में राठौड़ ने कहा, ‘‘अजमेर दरगाह शरीफ मामले को अभी आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा. न्यायायल का जो निर्णय होगा, उसे सभी को मानना होगा. जब तक कोई भी प्रकरण सुनवाई के स्तर पर नहीं आ जाएगा. कुछ भी कहना अपरिपक्वता है.''

उन्होंने कहा कि 11 माह के अल्प कालखंड में सरकार ने जहां समुचित कानून व्यवस्था बनाए रखी, वहीं दूसरी ओर जनमानस के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए काम किया है. राठौड़ ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2024 को मंजूरी दी गई है. इस विधेयक का लंबे समय से इंतजार था.

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भजनलाल सरकार ने एतिहासिक निर्णय लिया है

राठौड़ ने कहा कि एक अध्यादेश के माध्यम से राज्य सरकार ने गैरकानूनी तरीके से, छल कपट से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं पर शिकंजा कसा है. कपट पूर्वक धर्म परिवर्तन के बाद शादी होती है तो इस कानून के तहत अदालतों को यह अधिकार होगा कि वह उसे शून्य कर सकें. राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नीतिगत निर्णय लेकर राजस्थान में निवेश के माहौल के साथ हर जगह प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय किए है.

राठौड़ ने विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के सवाल के जवाब में कहा कि राजस्थान की ‘डबल इंजन' सरकार ने जनता के दिलोदिमाग पर किस तरह राज किया है यह उपचुनावों के नतीजों के रूप में सामने आ गया. ऐसे में उप चुनाव के परिणाम विपक्ष के आक्षेपों के भी जवाब हैं.

कांग्रेस ने नहीं किया लागू

भाजपा के राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा अवैध धर्मांतरण पर प्रहार कर ‘लव जिहाद' पर रोक लगाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है.जयपुर में भाजपा मुख्यालय में सवांददाताओं से बातचीत में तिवाड़ी ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के राज में इस विधेयक को लाया गया था, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया और राष्ट्रपति को भेज दिया.

उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस सरकार ने इस विधेयक को लागू नहीं किया लेकिन अब भाजपा की ‘डबल इंजन' सरकार ने इस विधेयक को कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर ऐतिहासिक फैसला किया है. इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक बार फिर से धन्यवाद और आभार. उन्होंने कहा कि इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई लोभ, प्रलोभन, डर, कपटपूर्वक, बल पूर्वक, अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल कर धर्म परिवर्तन करवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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उन्होंने कहा केवल राजस्थान ही नहीं पूरे देश में इस कानून की आवश्यकता है. उन्होंने कहा इस कानून में कहीं पर भी किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन नहीं है, अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो वह जिला कलेक्टर को सूचित कर एक प्रक्रिया के माध्यम से आसानी से ऐसा सकता है.

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