8 हज़ार छात्रों को पढ़ा रहे सिर्फ 14 लेक्चरर, 19 में से 9 सब्जेक्ट के व्याख्याता ही नहीं ; डूंगरपुर कॉलेज के हाल बेहाल 

एसबीपी कॉलेज में 16 लेक्चरर पोस्टेड है. लेकिन इसमें से 2 लेक्चरर डेप्युटेशन पर दूसरी जगह लगा दिए है. जबकि पहले से वेकेंट पोस्ट की भरमार है. ऐसे हालत में कॉलेज में सिर्फ 14 लेक्चरर ही कार्यरत है. एसबीपी कॉलेज के अधीन जिले के गामड़ी देवल, गामड़ी अहाड़ा कॉलेज भी है.

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एसबीपी कॉलेज डूंगरपुर

Dungarpur News: डूंगरपुर जिले में उच्च शिक्षा को लेकर सरकार कई तरह के दावे कर रही है. लेकिन हकीकत में लेक्चरर के 80 फीसदी पद खाली होने से स्टूडेंट की पढ़ाई चौपट हो रही है. जिले के सबसे बड़े एसबीपी कॉलेज में 8 हजार स्टूडेंट को पढ़ाने के लिए सिर्फ 16 लेक्चरर ही है. इसमें भी 2 लेक्चरर डेप्युटेशन पर दूसरी जगह लगे है. 85 लेक्चरर की पोस्ट वेंकेट है. जबकि नई शिक्षा नीति के तहत कॉलेज में लेक्चरर के 300 नए लेक्चरर चाहिए. 

आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकार शिक्षा को लेकर कई दावे करती है. तमाम सुविधाएं देने के लिए वादे लिए जाते हैं. लेकिन सच है कि कॉलेजों में स्टूडेंट को पढ़ाने के लिए लेक्चरर ही नहीं है. जिले का सबसे बड़ा एसबीपी कॉलेज की बात करें तो यहां 8 हजार स्टूडेंट हर साल रेगुलर एडमिशन लेते हैं.

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लेकिन कॉलेज में पढ़ाने के लिए प्रिंसिपल समेत सिर्फ 16 लेक्चरर ही पोस्टेड हैं. जबकि कॉलेज में लेक्चर के 81 पोस्ट सेंक्शन है. हालात ये है कि कई सब्जेक्ट में पढ़ाने के लिए कोई लेक्चरर ही नहीं है. ऐसे में स्टूडेंट की पढ़ाई पूरी तरह से चौपट है.

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14 लेक्चरर के भरोसे पूरा कॉलेज 

एसबीपी कॉलेज में 16 लेक्चरर पोस्टेड है. लेकिन इसमें से 2 लेक्चरर डेप्युटेशन पर दूसरी जगह लगा दिए है. जबकि पहले से वेकेंट पोस्ट की भरमार है. ऐसे हालत में कॉलेज में सिर्फ 14 लेक्चरर ही कार्यरत है. एसबीपी कॉलेज के अधीन जिले के गामड़ी देवल, गामड़ी अहाड़ा कॉलेज भी है. ऐसे में प्रशासनिक कामों की वजह से इन लेक्चरर की ड्यूटी भी लगाई जाती है. 

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9 में से 9 सब्जेक्ट का एक भी लेक्चरर नहीं

एसबीपी कॉलेज में 19 सब्जेक्ट है. जिसमें से 9 सब्जेक्ट में एक भी लेक्चरर नहीं है. हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, संस्कृत, लोक प्रशासन, ईएएफएम, एबीएसटी, भूगर्भ शास्त्र जैसे सब्जेक्ट में एक भी लेक्चरर ही नहीं है. ऐसे में सालभर में इन सब्जेक्ट में पढ़ाई ही नहीं होती है. हालांकि कुछ सब्जेक्ट में कॉलेज प्रशासन की ओर से संविदा लेक्चरर के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है. लेकिन परमानेंट लेक्चरर के नहीं होने से रेगुलर क्लासेज नहीं लग पा रही है. 

स्टूडेंट बोले : पढ़ाई ठप, प्रिंसिपल बोले : सरकार से होगी भर्ती

एसबीपी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष तुषार ने बताया कि कॉलेज में लेक्चरर के खाली पदों को भरने 5 सालों से संघर्ष कर रहे है. पहले कांग्रेस ओर अब भाजपा सरकार को कई ज्ञापन दिए. लेकिन खाली पदों को नहीं भरा गया. इससे पढ़ाई चौपट हो गई है. वही कॉलेज प्रिंसिपल डॉ गणेश निनामा ने बताया कि लेक्चरर के खाली पदों की बात सही है. इसे लेकर सरकार को लगातार अवगत करवाया जा रहा है. 

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