Monsoon in Rajasthan 2026: भरतपुर में मानसून की आहट के साथ प्रकृति का अलार्म भी बज गया है. मानसून के सूचक माने जाने वाले 'ओपन बिल स्टॉर्क' ने केवलादेव नेशनल पार्क में दस्तक दे दी है, पक्षी विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है की इनका आना इस बात का संकेत है कि मानसून अब ज्यादा दूर नहीं और जल्द ही भरपूर बारिश होगी.
सफेद-धूसर रंग के होते है ओपन बिल स्टॉर्क
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हवा में नमी बढ़ते ही तय करते हैं सैकड़ों किलोमीटर का सफर
पस्थानीय लोगों की मान्याता है की ये अनोखे प्रवासी पक्षी हमेशा मानसून से आगे-आगे चलते हैं. जैसे ही हवा में नमी बढ़ती है, ये सैकड़ों किलोमीटर का लंबा और थका देने वाला सफर तय कर भरतपुर पहुंच जाते हैं. इस बार भी 'ओपन बिल स्टॉर्क' के बड़े झुंड ने घना नेशनल पार्क में डेरा डाल दिया है और पेड़ों पर घोसलें बनाने शुरू कर दिए हैं.
'ओपन बिल स्टॉर्क' करीब 6 महीने तक रुकते हैं
पक्षी विशेषज्ञ नवीन करौला ने बताया कि सफेद-धूसर रंग और चोंच के बीच खाली जगह यानी 'ओपन बिल स्टॉर्क' इनकी पहचान है. अपनी इसी विशेष चोंच की बनावट के कारण ये दलदली इलाकों से घोंघे और सीप को आसानी से निकालकर खा लेते हैं. यह मेहमान पक्षी भरतपुर में करीब 6 महीने तक रुकते हैं. इसी दौरान वे यहां प्रजनन करते हैं, अंडे देते हैं और अपने बच्चों को उड़ना सिखाकर वापस लौट जाते हैं.
चोंच में छुपा है अच्छी बारिश का राज
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चोंच के गैप में छिपा है मौसम का हाल
किसानों और बर्ड लवर्स के लिए इन पक्षियों का आना बेहद खास होता है. अंचल में यह पुरानी लोक मान्यता है कि 'ओपन बिल स्टॉर्क' की चोंच में भविष्य का मौसम छिपा होता है. यदि इस बार पक्षियों की चोंच के बीच का गैप (खाली जगह) ज्यादा दिखाई दे, तो इसे बंपर बारिश का संकेत माना जाता है.ग्रामीण आज भी इनके व्यवहार और चोंच को देखकर आने वाले मानसून का सटीक अंदाजा लगाते हैं.
'ओपन बिल स्टॉर्क' के आने से किसानों के चेहरे पर रौनक
प्रवासी पक्षियों के आने से किसानों के चेहरे पर रौनक है, उनका कहना है की जब प्रकृति का दूत आ गया है तो इंद्र देव भी मेहरबान होंगे, भरतपुर में मानसून की एंट्री का काउंटडाउन शुरू हो चुका है.