जनजाति बहुल क्षेत्र बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले में जहां रक्तदान को लेकर पहले बहुत भ्रांतियां थी और यहां के लोग रक्तदान करने से कतराते थे, लेकिन अब यहां के लोग अंगदान के महत्व को देखते हुए अंगदान और देहदान के लिए आगे आ रहे हैं. दरअसल, रेड क्रॉस सोसाइटी बांसवाड़ा द्वारा जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इतना ही नहीं सोसाइटी की ओर से अंगदान करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जा रहा है. वहीं इस अभियान के बाद कई लोग आगे बढ़कर अंगदान और देहदान का संकल्प लिया है. बता दें कि प्रतापगढ़ निवासी निरसार मीणा के परिवार के सभी पांच सदस्यों ने अंगदान का संकल्प लिया.
अंगदान के लिए शपथ लेते लोग
इधर, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रतापगढ़ निवासी निरसार मीणा के परिवार को धन्यवाद किया है.
अंग ना मिलने से हर साल पांच लाख लोगों की मौत
बता दें कि भारत में किसी व्यक्ति के शरीर के किसी भी अंग के प्रभावित होने की वजह से हर साल लगभग पांच लाख लोगों की मौत हो रही है. दरअसल, इन लोगों की मौत अंग ना मिलने के कारण हो रही है. इनमें से दो लाख व्यक्ति लीवर की बीमारी और 50 हजार व्यक्तियों की मौत दिल की बीमारी की वजह से हो रही है. इसके अलावा लगभग डेढ़ लाख व्यक्ति किडनी ट्रांसप्लांट के इंतज़ार में रहते हैं, लेकिन सिर्फ पांच हजार व्यक्तियों को ही किडनी ट्रांसप्लांट हो पाता है.
बांसवाड़ा में लोगों को अंगदान के बारे में किया जागरूक
अंगदान के मामले में भारत सबसे पीछे
अंगदान करने के मामले में भारत दुनिया में बेहद पिछड़ा हुआ देश है. यहां प्रति दस लाख की आबादी पर केवल 0.08 लोग अंगदान करते हैं. जबकि प्रति दस लाख की आबादी पर स्पेन में 40 लोग, सिंगापुर में 40 लोग, क्रोएशिया में 35 और अमेरिका में 30, यूके और जर्मनी में 30 लोग अंगदान करते हैं.
हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता अंगदान दिवस
विश्व अंगदान दिवस हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता है. जिसका उद्देश्य लोगों को अंगदान के प्रति जागरुक करना और प्रेरित करना है. अंगदान दिवस दुनिया भर में अंग दान के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और लोगों को इसके प्रति प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है.
अंगदान में शरीर के 8 अंग शामिल
बता दें कि अंगदान में 8 अंग शामिल हैं जिन्हें दान किया जाता है. मृत व्यक्ति का किडनी, लीवर, फेफड़ा, ह्रदय, पैंक्रियास और आंत दान में दिया जा सकता है. हालांकि साल 2014 से इस सूची में हाथ और चेहरे को भी शामिल कर दिया गया. वहीं कोई जिंदा व्यक्ति चाहे तो वह एक किडनी, एक फेफड़ा, लीवर का कुछ हिस्सा, पैंक्रियास और आंत का कुछ हिस्सा दान कर सकता है.