Rajasthan News: राजस्थान के फलोदी जिले में खाद-बीज विक्रेताओं ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए अपनी दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी हैं. विक्रेताओं का आरोप है कि कुछ तथाकथित किसान नेता जबरन वसूली और दुकानदारों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं. इस उत्पीड़न से तंग आकर व्यापारियों ने पूरी तरह काम ठप कर दिया है.
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
संघ के पदाधिकारियों ने कृषि विभाग के सहायक निदेशक के कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और उन्हें ज्ञापन सौंपा. व्यापारियों ने विभाग को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक इन तथाकथित नेताओं की दखलअंदाजी बंद नहीं होगी, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी. साथ ही संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि विभाग द्वारा तय नियमों से इतर की गई किसी भी अतिरिक्त कार्रवाई को वे स्वीकार नहीं करेंगे.
'किसान नेता और प्रशासन जिम्मेदार'
हड़ताल के कारण किसानों को खाद और बीज के लिए चक्कर काटने पड़ सकते हैं. इस पर विक्रेताओं का कहना है कि किसानों को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए वे तथाकथित किसान नेता और प्रशासन जिम्मेदार होंगे. विक्रेताओं ने दोहराया कि वे हमेशा से किसानों के हित में काम करते आए हैं और भविष्य में भी करेंगे, लेकिन वे अब किसी भी कीमत पर गलत दबाव के आगे नहीं झुकेंगे. व्यापारियों का यह रुख साफ करता है कि जब तक उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक फलोदी में कृषि व्यापार पूरी तरह ठप रहेगा.
जानें क्या है पूरा मामला
खाद-बीज विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने बताया कि कुछ लोग खुद को किसान नेता बताकर व्यापारियों को आए दिन परेशान करते हैं. इन लोगों का मुख्य काम दुकानदारों पर नकली खाद-बीज बेचने और सरकारी दर से अधिक दाम वसूलने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित करना है. व्यापारी इस स्थिति से बेहद आक्रोशित हैं और उन्होंने स्पष्ट कहा है कि संघ अपनी छवि खराब करने वालों को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगा.
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