Jodhpur Sadhvi Prem Baisa Death: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच के दौरान एक नया एंगल सामने आया है. पाल रोड पर स्थित साधना कुटीर आश्रम के पास से पुलिस को अस्थालीन नाम की दवा के कुछ रैपर मिले हैं. यह दवा आमतौर पर अस्थमा को नियंत्रित करने या सांस से जुड़ी परेशानी में इस्तेमाल की जाती है.
इन दवाओं के मिलने के बाद अब कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बुधवार सुबह कंपाउंडर देवी सिंह को फोन कर यह बताया गया था कि साध्वी प्रेम बाईसा को सिर्फ़ मामूली जुकाम है. लेकिन अगर ऐसा ही था तो फिर अस्थमा से जुड़ी दवा आश्रम के पास कैसे मिली.
कंपाउंडर ने साध्वी पहला इंजेक्शन डेक्सोना दिया था
जांच में यह भी सामने आया है कि कंपाउंडर देवी सिंह ने साध्वी प्रेम बाईसा को सबसे पहला इंजेक्शन डेक्सोना दिया था. डेक्सोना आमतौर पर सांस की नली में सूजन कम करने के लिए दिया जाता है. ऐसे में यह सवाल और गहराता है कि क्या साध्वी प्रेम बाईसा को उस वक्त सांस लेने में कोई गंभीर परेशानी हो रही थी ?
क्या सांस से जुड़ी समस्या से जूझ रहीं थीं प्रेम बाईसा ?
आस्थालीन दवा और डेक्सोना इंजेक्शन दोनों ही सांस संबंधी समस्याओं से जुड़े माने जाते हैं. इससे अब यह आशंका भी जताई जा रही है कि क्या साध्वी प्रेम बाईसा लंबे समय से अस्थमा या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही थीं जिसकी जानकारी पहले सामने नहीं आई.
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