उदयपुर में प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण, 30 लाख की डिमांड, फिरौती में सिर्फ 7000 मिले तो मारपीट कर छोड़ा

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो सामने आया कि अपहरणकर्ता बार-बार अपहृता को लेकर जगह बदलते रहे थे. लेकिन पुलिस द्वारा पीछा करने पर आरोपी घबरा गए और गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के पास सुरेश को छोड़कर फरार हो गए.

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प्रॉपर्टी डीलर सुरेश सैन की तस्वीर.

Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर जिले में एक प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण कर मारपीट करने और फिरौती मांगने का मामला सामने आया है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शनिवार को खुलासा भी किया है, जिसमें दिलचस्प बात यह सामने आई है कि अपहराकर्ताओं ने पुलिस से बचने के लिए ऑनलाइन ही फिरौती ले ली. हालांकि इतना सब करने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

ऑनलाइन मांगी 7 हजार रुपये की फिरौती

सुखेर थानाधिकारी हिमांशु सिंह ने बताया कि लखावली निवासी मोहन सेन ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि, 'मेरा बड़ा भाई सुरेश प्रॉपर्टी का काम करता है. उनका श्रवण सिंह राठौड़ नाम का एक साथी है, जो साथ काम करता है. श्रवण शाम में हमारे घर आया था और अपनी काम में बड़े भाई को बैठाकर साथ ले गया था. लेकिन देर रात होने पर भी वो वापस नहीं लौटे. इसके बाद भाभी ललीता सेन का मेरे पास फोन आया. उन्होंने बताया कि भैया का फोन बंद है, और वो अभी तक घर नहीं लौटे हैं. इसके बाद मैंने कुछ लोगों को कॉल लिया, मगर भैया का कुछ पता नहीं चला. अगले दिन सुबह मेरे भतीजे अनील सेन के फोन पर भैया के मोइाबल नंबर से वॉट्सऐप मैसेज आया. इस मैसेज में एक नंबर लिखा था, जिसमें 5000 और फिर 2000 की फिरौती मांगी. उसे ऑनलाइन फिरौती दे दी. इसके बाद भाई का मोबाइल बंद हो गया.'

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ट्रैक्टर के पीछे बांधकर घसीटा, पेड़ पर उल्टा लटकाया

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो सामने आया कि अपहरणकर्ता बार-बार अपहृता को लेकर जगह बदलते रहे थे. लेकिन पुलिस द्वारा पीछा करने पर आरोपी घबरा गए और  गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के पास सुरेश को छोड़कर फरार हो गए. सुरेश सेन को पुलिस द्वारा दस्तयाब कर उसके शरीर पर आई चोटों का मेडिकल करवाया गया. तत्पश्चात टीम को जानकारी में आया कि रामा गांव में स्थित फार्म हाउस पर लेकर गए. वहां 5 लोगों ने उसके साथ मारपीट की और बंधक बनाकर रखा. सुरेश को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर घसीटा गया. पेड़ पर उसे उल्टा लटाकर पीटा गया. उसके बाद अगले दिन अपहृता को अभियुक्त करण सिंह तथा नरेश डांगी कार में साथ लेकर घूमते रहे और शाम को पुलिस के डर से गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के बाहर ले जाकर छोड़ दिया. पुलिस ने मुखबिर को सूचना के आधार पर करण सिंह और लक्ष्मीलाल को गिरफ्तार किया.

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