
Rajasthan News: राजस्थान के शाहपुर जिले के जहाजपुर कस्बे में शनिवार शाम धार्मिक जुलूस पर पथराव करने वाले आरोपियों के अवैध निर्माण पर नगर पालिका प्रशासन ने देर रात करीब 1:30 बजे बुल्डोजर चलवा दिया है. इतना ही नहीं, कथित तौर पर पथराव में शामिल 20 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. कस्बे में अभी पुलिस का धर पकड़ अभियान जारी है और हालातों को सामान्य किया जा रहा है. प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्टी जाहिर करते हुए बीजेपी विधायक गोपीचंद मीणा ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया है. रविवार सुबह इलाके में पुलिस का जाप्ता तैनात है. मगर स्थिति सामान्य बनी हुई है.
जहाजपुर में पथराव क्यों हुआ?
शनिवार को देवझूलनी एकादशी थी. इस दिन जहाजपुर कस्बे में सभी मंदिरों के भगवान बेवान भंवर कला तालाब में जलविहार के लिए ले जाए जाते हैं, जो देर रात तक अपने-अपने मंदिर में वापस पहुंचते हैं. इसी क्रम में किले से पीतांबर राय महाराज भगवान का धार्मिक जुलूस भी जलविहार के लिए मंदिर से निकला था. तभी एक मस्जिद से गुजरने के दौरान पथराव शुरू हो गया, जिसमें एक महिला सहित कुछ लोग घायल हो गए. इस पथराव के कारण अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जिसके चलते धार्मिक जुलूस में शामिल लोग जमकर नारेबाजी करने लगे.
IG-DM ने जहाजपुर में डाला डेरा
इस घटना की सूचना मिलते ही जहाजपुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक गोपीचंद मीणा घटनास्थल पर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लेकर धार्मिक स्थल के बाहर ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब तक पथराव करने वाले आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक यह धरना जारी रहेगा और कस्बे में भगवान के जल विहार का जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा. इसके तुरंत बाद आईजी ओम प्रकाश, कलेक्टर राजेंद्र सिंह, एचपी राजेश कावट ने जहाजपुर में डेरा डाल दिया और जल्द ही कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया.
मस्जिद कमेटी को भेजा गया नोटिस
इसके साथ ही, जिस मस्जिद के बाहर यह पथराव हुआ, उसे देर रात ही नोटिस जारी करते हुए पट्टे से संबंधित कागजात 24 घंटे के अंदर पेश करने का आदेश दिया गया. जहाजपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी राघव सिंह ने अपने आदेश में सदर जामा मस्जिद कमेटी मुस्लिम समाज को लिखा, 'आपको सूचित किया जाता है कि स्थानीय वार्ड 09 स्थित जामा मस्जिद के संबंध में स्वामीय संबंधित पट्टा/निर्माण स्वीकृति जो भी दस्तावेज हो, उसे 24 घंटे के अंदर पालिका में प्रस्तुत करने की सुनिश्चिता की जाए.'
पथराव के कारण टूटी सालों पुरानी परपंरा
जहाजपुर में जल झूलन महोत्सव पर निकले राम रेवड़ी जुलूस पर पथराव के कारण सालों पुरानी परंपरा टूटी है. पथराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण शोभायात्रा का भ्रमण नहीं हो सका. इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब जल झूलन महोत्सव में एक दर्जन मंदिरों में ठाकुर जी जल झूलन के लिए नहीं गए. आज समाज के लोग मंदिर कमेटी और प्रशासन के साथ मिलकर यात्रा को दोबारा निकालने को लेकर विचार कर रहे हैं.
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