ACB Action: राजस्थान में लगातार भ्रष्टाचार निरोध ब्यूरो कार्रवाई कर घूसखोर अधिकारियों पर शिकंजा कस रही है. इस कड़ी में ACB की टीम ने प्रतापगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है. यहां भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की टीम ने घूसखोर ग्राम विकास अधिकारी और उसके दलाल ईमित्र संचालक को 8000 रुपए की रिश्वत लेते हैं रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. रिश्वत की यह राशि मकान के पट्टे की रजिस्ट्री करवाने के एवज में मांगी गई थी. पट्टा बनवाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी ने डेढ़ साल पहले ही प्रार्थी से 10 हजार रुपए ले लिए थे, ईमित्र संचालक इसके लिए लंबे समय से दलाल की भूमिका निभाता था.
भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि प्रार्थी ने प्रकरण दर्ज करवाया कि उसके गांव कचोटिया में पुश्तैनी मकान है. भाइयों में बंटवारे के बाद 2 साल पहले उसने सुहागपुरा ग्राम पंचायत में पट्टे के लिए आवेदन किया था, जिस पर ग्राम पंचायत सचिव यशवंत जोशी जिसके पास कचोटिया ग्राम पंचायत का भी अतिरिक्त प्रभार है. उसने पट्टा देने के एवज में 10 हजार रुपए लिए थे.
ईमित्र दलाल को 8000 रुपये की दी रिश्वत
वहीं पट्टे की रजिस्ट्री करवाने के लिए बाद में उसने वापस यशवंत जोशी से संपर्क किया तो उसने इसके लिये 12 हजार रुपए अलग से मांगे और लगातार उसको कार्यालय के चक्कर कटवा रहा था. इस पर बीती 27 फरवरी को उसने भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में संपर्क किया और इस बात की शिकायत की. इस पर विभाग की टीम ने शिकायत का सत्यापन करवाया और सत्यापन के दौरान यशवंत जोशी ने प्रार्थी से कहा कि 12 हजार रुपए वह ईमित्र संचालक राजकुमार हाडोती को दे दे. फाइल उसी के पास है और वह हस्ताक्षर कर देगा, इस पर प्रार्थी और उसके बीच 8 हजार रुपए देना तय हुआ. यह राशि लेकर आज प्रार्थी ईमित्र संचालक के पास पहुंचा. प्रार्थी ने ईमित्र संचालक को 8000 रुपए दिये, तब राजकुमार ने फोन लगाकर रुपए प्राप्त होने की बात यशवंत जोशी को बताई.
भाग रहा वीडीओ
पैसे लेते ही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दलाल राजकुमार को शिकंजे में ले लिया. दूसरी ओर विभाग की एक टीम यशवंत जोशी के घर के पास ही में मौजूद थी. लेकिन कार्रवाई की भनक लगने पर वीडीओ यशवंत जोशी भाग रहा था. इस पर विभाग की टीम के पास उसका फोटो होने से उसकी पहचान हो गई और मौके पर ही उसे भी धर लिया गया. सलूंबर निवासी यशवंत जोशी बीते 3 सालों से यहीं पर तैनात था और यह ईमित्र संचालक विभिन्न कार्यों के लिए दलाल की भूमिका निभाते हुए लोगों से रिश्वत की राशि लेता था. फिलहाल ऐसीबी की टीम सलूंबर स्थित यशवंत जोशी के आवास पर भी पहुंची है और वहां तलाशी ली जा रही है.
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