Madan Dilwar Viral video: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इन दिनों प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की 'नींव' को परखने के लिए एक्शन मोड में हैं. स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंत्री लगातार औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर रहे हैं. इसी कड़ी में मम्मडखेड़ा विद्यालय के निरीक्षण का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों के शैक्षणिक स्तर ने अधिकारियों और शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है.
क्लास में 'गुरुजी' बने मंत्री दिलावर
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सातवीं कक्षा के बच्चों से मिलने के बाद सीधे आठवीं कक्षा में पहुंचे. यहां उन्होंने छात्रों की बौद्धिक क्षमता को परखने के लिए उनसे कुछ बुनियादी सवाल किए. सबसे पहले उन्होंने एक छात्र को रोमन अंक '7' को अंग्रेजी (Seven) में लिखने को कहा. शुरुआत में बच्चा थोड़ा घबराया और आधी स्पेलिंग लिखकर रुक गया, लेकिन मंत्री के जरिए प्रोत्साहित किए जाने पर उसने स्पेलिंग पूरी कर ली, जिस पर मंत्री ने उसे शाबाशी भी दी.
देखें शिक्षा मंत्री दिलावर और छात्रा से स्पेलिंग पूछने का विडियो
मंत्री मदन दिलावर ने 8वीं की छात्रा से लिखवाई '5वीं' की स्पेलिंग, देखें वीडियो
— NDTV Rajasthan (@NDTV_Rajasthan) April 23, 2026
राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने मम्मडखेड़ा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कक्षा 8 की छात्रा द्वारा अंग्रेजी में 'Five' की स्पेलिंग न लिख पाने का वीडियो वायरल हो रहा है.#Education #Rajasthan pic.twitter.com/u1e9qhgoRX
जब 'Five' की स्पेलिंग पर अटकी छात्रा
वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब आया जब मंत्री दिलावर ने उसी कक्षा की एक छात्रा को कॉपी में छात्रा से रोमन अंक '5' को अंग्रेजी (Five) में लिखने को कहा. छात्रा ने पहले ही कह दिया कि उसे नहीं आता. वहां मौजूद शिक्षकों और अधिकारियों ने उसे प्रोत्साहित किया कि वह डरे नहीं और लिखने की कोशिश करे, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद वह छात्रा 'Five' की स्पेलिंग नहीं लिख सकी.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
आठवीं कक्षा की छात्रा का एक साधारण शब्द की स्पेलिंग न लिख पाना अब चर्चा का विषय बन गया है. एक तरफ जहां मंत्री बच्चों का हौसला बढ़ाते दिखे, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की मौजूदगी में इस तरह की कमजोरी ने विद्यालय के शैक्षणिक स्तर की पोल खोल दी.
वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोग मंत्री के इस जमीनी स्तर के प्रयास की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ लोग आठवीं कक्षा के बच्चों की इस स्थिति को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक बता रहे हैं.
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