जयपुर में नूरानी मस्जिद समेत 5 धार्मिक स्थल हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है. इनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार भी शामिल है. नंदपुरी बाईपास से जगतपुरा तक रेलवे लाइन के समानांतर डेढ़ किमी लंबी सड़क पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है. जयपुर विकास प्राधिकरण ने 22 मई को भी इसी सड़क पर 134 अतिक्रमण स्थल हटाए गए थे. अतिक्रमण हटाने से पहले इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. प्रशासन ने 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी है. जानिए आखिर यह पूरा प्रोजेक्ट क्या है, जिसके लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है.
ड्रोन से निगरानी, बिजली बंद
राजधानी में अतिक्रमण कार्रवाई के लिए युद्ध स्तर के इंतजाम किए गए हैं. इंटरनेट बंद होने के बिजली की सप्लाई भी कट की गई है. इलाके में 12 RAC की कंपनियों समेत 3000 पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है. साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, धारा 163 और कुछ जगहों पर लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध भी लागू है. ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है.

जयपुर में बुलडोजर एक्शन.
नूरानी मस्जिद पर कार्रवाई का भी विरोध
सबसे ज्यादा विवाद की स्थिति अतिक्रमण में आ रही नूरानी मस्जिद को लेकर होने की आशंका है. रविवार (8 जून) शाम मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समाज ने बातचीत हुई थी. मोती डूंगरी रोड स्थित मुसाफिर खाना में सामूहिक दुआ के कार्यक्रम के दौरान समुदाय ने बात की. इस दौरान लोगों ने कार्रवाई को लेकर विरोध भी जताया. हालांकि जेडीए अधिकारियों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक ये सड़क 80 फीट चौड़ी है. ऐसे में इसके लिए अतिक्रमण में आने वाले सभी प्रतिष्ठानों को नोटिस भी दिए गए थे. अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है.
आखिर क्यों जरूरी है ये रोड?

यहां से जगतपुरा रेलवे स्टेशन और जयपुर एयरपोर्ट के लिए कनेक्टिविटी भी है.
दरअसल, करीब 1.5 किलोमीटर लंबी यह सड़क मालवीय नगर, नंदपुरी कॉलोनी को जगतपुरा और प्रतापनगर तक जोड़ने का रास्ता देती है. इस सड़क से जगतपुरा रेलवे स्टेशन और जयपुर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी है. यहां अक्सर ही अतिक्रमण के चलते जाम रहता है. मॉडल टाऊन, मालवीय नगर, झालाना और आसपास से आने वाले वाहनों को जगतपुरा फ्लाईओवर चढ़कर हरे कृष्णा मार्ग, बालाजी मोड, अपेक्स सर्किल से आना पड़ता है. इसी वजह से प्रमुख मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ता है. साथ ही, लोगों को जगतपुरा फाटक से होकर गुजरना पड़ता है. फाटक लगने की स्थिति में जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है.
एयरपोर्ट के लिए भी मिलेगी वैकल्पिक कनेक्टिविटी
अतिक्रमण हटने के बाद सड़क 80 फीट चौड़ी हो जाएगी. इससे मालवीय नगर, पत्रिका गेट और शहर की तरफ से आने वाले वाहन रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क से सीधा उस पार स्थित कालोनियों में पहुंच पाएंगे. साथ ही जगतपुरा रेलवे स्टेशन और जयपुर एयरपोर्ट के लिए भी लोगों को वैकल्पिक मार्ग की कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे करीब 5 लाख लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी. आसपास बनी करीब 50 कॉलोनियों से आने वाले वाहन बिना जगतपुरा फाटक पर अटके इस वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग कर मालवीय नगर की तरफ आ पाएंगे.
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