जयपुर में आरटीई एक्ट के तहत पढ़ने वाली छात्रा से फीस मांगने का मामला सामने आया है. वैशाली नगर स्थित सन स्टार स्कूल पर आरोप है कि फीस का भुगतान नहीं करने पर छात्रा को स्कूल से निकालने की धमकी भी दी गई. जानकारी के अनुसार, सत्र 2025-26 के लिए छात्रा को आरटीई में एडमिशन हुआ था. लेकिन स्कूल की ओर से बार-बार फीस की मांग की जा रही थी. स्कूल प्रबंधन ने इस बात को स्वीकार करते हुए सरकार की ओर से भुगतान नहीं होने का हवाला दिया.
प्रबंधन का बयान- हम बाध्य नहीं
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें सरकार से कोई पुनर्भरण राशि प्राप्त नहीं मिल रही थी, इसलिए वे आरटीई के तहत विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए बाध्य नहीं हैं. प्रबंधन ने साफ तौर पर कहा कि यदि छात्रा को पढ़ना है तो पूर्ण फीस जमा करनी होगी, अन्यथा अन्यत्र प्रवेश ले लिया जाए.
वहीं, पीड़ित अभिभावक ने बताया कि पिछले 18 दिनों से स्कूल और शिक्षा विभाग के चक्कर काटने को मजबूर थे. लगातार प्रयासों के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, झोटवाड़ा शहर को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं.
संगठन ने पूछा सवाल
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने सवाल पूछा, "आखिर कब तक निजी स्कूल शिक्षा विभाग को खुली चुनौती देते रहेंगे? क्या विभाग इतना असहाय हो गया है कि अपने ही बनाए कानूनों की पालना नहीं करवा पा रहा? क्या आरटीई के तहत आवेदन करना अब अभिभावकों के लिए अपराध बन गया है?" वहीं, संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी और शिक्षा विभाग की निष्क्रियता आरटीई को कमजोर कर रहा है.
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