Rajasthan: जयपुर जिले के 44 जर्जर स्कूलों को ध्वस्त किया जाएगा, परिसर में 75 खुले कुएं भी भरे जाएंगे

हाईकोर्ट ने जर्जर भवन स्कूलों के मामले में स्वप्रेरित संज्ञान लेते हुए, सरकार को जर्जर भवनों में कक्षा ना लगाने के आदेश दिए थे. इसके साथ ही, ऐसे भवन जो जर्जर है, उनके स्थान पर विद्यार्थियों की पढ़ाई में दखल ना हो.

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प्रतीकात्मक फोटो

Jaipur News: राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल के जर्जर भवन में हुए हादसे के बाद सरकार और शिक्षा विभाग लगातार एक्शन में है. जयपुर जिले में जर्जर भवनों को लेकर सर्वे करवाया गया है. इसकी फाइनल रिपोर्ट आ चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 3 हजार 97 स्कूल है. इनमें से 142 विद्यालयों को पूर्णतया जर्जर घोषित किया गया है. जानकारी के मुताबिक, जयपुर जिला प्रशासन की ओर से 44 भवनों को ध्वस्त करने के लिए योजना बनाई जा रही है. इसके लिए प्रशासन की ओर से जिला शिक्षा विभाग को निर्देश दिए जा चुके हैं. जल्द ही इन 44 जर्जर भवनों को ध्वस्त किया जाएगा. सबसे ज्यादा सांगानेर ग्रामीण में 23 स्कूल भवन जर्जर है.

5 हजार 295 कमरे पूरी तरह जर्जर

रिपोर्ट के मुताबिक 5 हजार 295 कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. इसके अलावा 13 हजार 894 कमरे ऐसे है, जिन्हें तुरंत मरम्मत की जरूरत है. इसके साथ ही स्कूलों में 75 खुले कुएं और 253 बोरवेल भी है, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते हैं. प्रशासन ऐसे निर्माणों को भी दुरूस्त करने की तैयारी में  है. ताकि किसी भी हादसे की संभावना को टाला जा सकें. इसके अलावा 360 स्कूलों में बिजली के तारों की व्यवस्था को भी सुधारा जाएगा.

जर्जर भवनों के छात्रों को नजदीक के स्कूलों में शिफ्ट करने की तैयारी

हाईकोर्ट ने जर्जर भवन स्कूलों के मामले में स्वप्रेरित संज्ञान लेते हुए, सरकार को जर्जर भवनों में कक्षा ना लगाने के आदेश दिए थे. इसके साथ ही, ऐसे भवन जो जर्जर है, उनके स्थान पर विद्यार्थियों की पढ़ाई में दखल ना हो. इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए थे. अभी जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने विद्यार्थियों को नजदीक के स्कूलों में शिफ्ट कर दिया है.

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