कब से और क्यों हुई राजस्थान दिवस मनाने की शुरुआत

राजस्थान 30 मार्च 2025 को अपना 76वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है. इस बार सरकार ने इसे हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाने का निर्णय लिया है. 30 मार्च 1949 को राजस्थान का गठन हुआ था, जिसे पहले राजपूताना कहा जाता था.

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राजस्थान अपना 76वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है.

Rajasthan Diwas News: 30 मार्च 2025 को राजस्थान अपना 76 वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है, राजस्थान सरकार ने इस खास दिवस को हिंदू पंचांग की तिथि चैत्र शुल्क प्रतिपदा को मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. यह निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने वाला कदम माना जा रहा है.

सरकार का मानना है कि राजस्थान की स्थापना हिन्दू पंचांग के अनुसार संवत 2006 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुभ मुहूर्त देखकर हुई थी. उस दिन ग्रेगोरियन कैलेण्डर में तिथि 30 मार्च 1949 थी, बाद में हिन्दू कैलेण्डर की तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को भुला दिया गया और 30 मार्च को ही स्थापना मनाया जानें लगा. 

30 मार्च को क्यों मनाया जाता है राजस्थान दिवस  

गौरतलब है कि आजादी से पहले यह प्रदेश राजपूताना नाम से जाना जाता था, आजादी के बाद 19 रियासतों व कुछ ठिकानों को एकजुट करके एक प्रदेश के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई गई तथा प्रदेश को राजस्थान नाम दिया गया. राजस्थान का एकीकरण सात चरणों में संपन्न हुआ था, एकीकरण के चौथे चरण में संयुक्त राजस्थान व जयपुर, जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर रियासतो को मिलाकर वृहद राजस्थान का निर्माण किया गया.

30 मार्च,1949 को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जयपुर में एक समारोह में वृहद् राजस्थान का उद्घाटन किया था. इसलिए प्रतिवर्ष 30 मार्च को प्रदेशभर में बड़ी धूमधाम से राजस्थान स्थापना दिवस मनाया जाता है .

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राजस्थान दिवस पर प्रदेशभर में भव्य आयोजन 

राजस्थान दिवस के मौके पर प्रदेश सरकार 6 जिलों में राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है यथा 25 मार्च बाड़मेर में महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन . 26 मार्च बीकानेर में कृषि विभाग की ओर से किसान सम्मेलन.

27 मार्च भरतपुर में ग्रामीण विकास विभाग गरीब एवं अंत्योदय से जुड़ा कार्यक्रम. 28 मार्च भीलवाड़ा में नगरीय विकास एवं आवास विभाग सुशासन समारोह आयोजित. 29 मार्च कोटा में युवा एवं रोजगार उत्सव . 30 मार्च जयपुर में अल्बर्ट हॉल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. 31 मार्च जयपुर में ही निवेश उत्सव मनाया जाएगा. इनके अलावा प्रदेश भर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है.

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