"मेरी जान पर बनी थी और तुम वीडियो बना रहे थे", सिर में फंसी टंकी की रील बनाने वाले पर भड़का शख्स; Video

अलवर के माधोगढ़ में धूप से बचने के लिए सिर पर दूध की टंकी रखना एक किसान को महंगा पड़ गया. सिर में फंसी टंकी को ग्राइंडर से काटकर निकाला गया. इस हादसे की कुछ लोगों ने रील बनाकर वायरल कर दी, जिससे पीड़ित किसान बेहद परेशान है.

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अलवर के माधोगढ़ में धूप से बचने के लिए सिर पर दूध की टंकी रखना एक किसान को महंगा पड़ गया.

Rajasthan News: राजस्थान के अलवर में एक किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जिसमें उसके सिर में एक दूध की केन फंस गई है और उसे काटकर निकाला जा रहा है. पहले इस घटना में सामने आया कि किसान ने रील बनाने के लिए ये सब किया है. वहीं अब इसका दूसरा पहलू सामने आया है, जिसमें चौकने वाला खुलासा हुआ है. 

दरअसल किसान खेत पर काम कर रहा था. फसल कटाई के बाद गेहूं ले जाने के लिए पड़ोस से टंकी लेकर आया और सिर पर रख ली. अधिक समय सिर पर रखे रहने से दूध की केन सिर में फंस गई थी, जिसे बाद में काटकर निकाला गया था. इस घटना को कुछ लोगों ने रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. जब किसान को इसका पता चला तो वह भड़क गया और कहा कि मेरी जान पर बनी थी और तुम वीडियो बना रहे थे और उन लोगों से कहासुनी भी हो गई. 

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जानें क्या था पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, माधोगढ़ निवासी किसान कालूराम अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए मंडी जा रहा था. हाथ में गेहूं और साथ में 15 लीटर की दूध वाली बड़ी टंकी थी. राजस्थान की तपती दोपहर और कड़कड़ाती धूप से बचने के लिए कालूराम ने दिमाग लगाया और कपड़े या छाते के बजाय दूध की खाली टंकी को ही अपने सिर पर उल्टा रख लिया. कुछ देर तक तो सब ठीक रहा, लेकिन जब उसने टंकी हटानी चाही, तो वह उसके सिर में बुरी तरह लॉक हो गई.

ग्राइंडर मशीन से हुआ 'ऑपरेशन', कांपता रहा युवक

जब कालूराम ने बाइक रोककर टंकी निकालने की कोशिश की, तो सफलता नहीं मिली. धीरे-धीरे दम घुटने लगा और युवक घबरा गया. ग्रामीण उसे आनन-फानन में पास की एक हार्डवेयर की दुकान पर ले गए. स्थिति इतनी गंभीर थी कि टंकी का मुंह युवक के गले तक फंस चुका था.

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आखिरकार कारीगरों ने 'देसी जुगाड़' और इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मशीन का सहारा लिया. कटर मशीन की चिंगारियों के बीच कालूराम खौफ से कांपता रहा, क्योंकि जरा सी चूक उसकी गर्दन को नुकसान पहुंचा सकती थी. बेहद सावधानी से टंकी को काटकर अलग किया गया, तब जाकर उसने राहत की सांस ली.

रील के चक्कर में किसान की बढ़ी परेशानी

इस पूरी घटना के दौरान सबसे दुखद पहलू यह रहा कि जहां किसान की जान आफत में थी, वहीं वहां मौजूद कुछ युवक मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो और 'रील' बनाने में जुटे रहे. माधोगढ़ सरपंच प्रतिनिधि प्रेमाराम ने बताया कि कालूराम ने खुद कोई रील नहीं बनाई, बल्कि ग्रामीणों ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

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