Rajasthan 15th Assembly Dissolved: राजस्थान की 15वीं विधानसभा भंग हो चुकी है. राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने सोमवार को राजस्थान विधानसभा के कार्यकाल को भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी. इससे पहले, मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता और भारत निर्वाचन आयोग के अन्य प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को 199 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची पेश की.
राजभवन में भारत निर्वाचन आयोग के प्रमुख सचिव नरेन्द्र एन. बुटोलिया और राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता के नेतृत्व में मिले एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की. राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन में राजस्थान के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, चुनाव में लगे समस्त कार्मिकों आदि द्वारा चुनाव प्रक्रिया के शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक निर्वहन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी.
राज्यपाल ने राजस्थान में गत विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत में हुई बढ़ोतरी के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की. इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग के सचिव श्री अश्विनी मोहाल, अवर सचिव श्री चंद्रप्रकाश और विशेषाधिकारी श्री सुरेशचन्द्र मौजुद रहे. इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री सुबीर कुमार और प्रमुख विशेषाधिकारी गोविंद जायसवाल भी उपस्थित रहे.
गौरतलब है रविवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसमें भाजपा को 115 सीट पर विजय मिली, जबकि कांग्रेस को 69 सीट मिलीं. राज्य की 200 विधानसभा सीट में से 199 पर चुनाव हुए और नतीजे रविवार को घोषित किए गए. एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था.
राजस्थान में चुनाव नतीजे के बाद भाजपा में अब मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर मंथन शुरू हो गया है. बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को दिल्ली बुलाया. इनमें सबसे पहला नाम तिजारा विधानसभा से जीतकर आए बाबा बालकनाथ का था. उनके बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया का नाम प्रमुख है, जिन्हें दिल्ली बुलाया गया.
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