Rajasthan Election 2023: मतदान के बाद शुरू हुई मतगणना की तैयारी, स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए राजस्थान में इस बार ताबड़तोड़ वोटिंग हुई. कुशल विधानसभा और पोकरण विधानसभा में सर्वाधिक वोट प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजस्थान के मेवाड जंक्शन और अहोर में सब कम वोटिंग परसेंटेज दर्ज हुआ है. रविवार को चुनाव आयोग ने अंतिम आंकड़े जारी किए.राजस्थान में इस बार 75.45 फीसदी वोटिंग हुई

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प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए राजस्थान में इस बार ताबड़तोड़ वोटिंग हुई. कुशल विधानसभा और पोकरण विधानसभा में सर्वाधिक वोट प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजस्थान के मेवाड जंक्शन और अहोर में सब कम वोटिंग परसेंटेज दर्ज हुआ है. रविवार को चुनाव आयोग ने अंतिम आंकड़े जारी किए.राजस्थान में इस बार 75.45 फीसदी वोटिंग हुई, जो पिछले चुनाव की तुलना में 0.74 फीसदी अधिक है. मतदान के बाद अब मतगणना को लेकर तैयारी शुरू हो गई हैं. 

पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़े जिले शुमार नागौर और डीडवाना जिले की 10 विधानसभा सीटों के लिए हुए मतदान के बाद मतगणना की तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके तहत सभी विधानसभा क्षेत्र से ईवीएम मशीन नागौर पहुंच चुकी है, जिन्हें स्ट्रांग रूम में रखवाया जा रहा है. दोनों जिलों के लिए मतगणना की व्यवस्था अलग-अलग की जा रही है. इसके तहत नागौर जिले के पांच विधानसभा सीटों की मतगणना मिर्धा कॉलेज में होगी, जबकि डीडवाना जिले की पांच विधानसभा सीटों की मतगणना माडी बाई कॉलेज में की जाएगी.
 

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नागौर और डीडवाना जिले की 10  विधानसभा सीटों के लिए हुए मतदान की मतगणना 3 दिसंबर को नागौर के बी आर मिर्धा कॉलेज व माडी बाई महिला कॉलेज में होगी. चुनावी अखाड़े में उतरे जिलेभर के 81 उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला होगा. जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अमित यादव के निर्देशन में मतगणना की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है.

 नागौर उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ईवीएम को स्ट्रांग रूम में रखवाया जाकर सील कर दिया गया है. स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. स्ट्रांग रूम के बाहर बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. नागौर जिलें की 10 विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम को स्ट्रांग रूम को सील कर पैरामिलिट्री फोर्स की सुरक्षा में सौप दिया है. साथ ही, सीसीटीवी कैमरें भी स्ट्रांग रूम पर लगाए गए है जिन्हे कंट्रोल रूम से जोड़कर उन पर निगरानी रखी जा रही है.

अब नागौर जिलें की पांच विधान सभा की ईवीएम मिर्धा कॉलेज मे और डीडवाना जिले की पांच विधानसभा की ईवीएम महिला कॉलेज मे सील पैक किया जा चुका है. दोनों कॉलेज में अर्धसैनिक बलों के जवान हथियारबंद 24 घंटे की ड्यूटी दे रहे हैं. 3 दिसंबर को मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगी. इसके लिए पुलिस व प्रशासन पूरी तरह चाक चौबन्द है.
 

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इस चुनाव में नागौर जिले में दिग्गज नेताओं की साख दांव पर लगी हुई है. इनमें नागौर जिले की खींवसर विधानसभा में रोचक मुकाबला है, जहां RLP सुप्रीमो व MP हनुमान बेनीवाल खुद चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने कांग्रेस ने तेजपाल मिर्धा व भाजपा ने रेवंतराम डांगा को प्रत्याशी बनाया है.

वहीं, नागौर में पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा भाजपा की उम्मीदवार है, तो कांग्रेस ने उनके सामने चाचा हरेंद्र मिर्धा को उतारा है, जबकि डीडवाना में कांग्रेस प्रत्याशी चेतन डूडी को भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे निर्दलीय यूनुस खान कड़ी टक्कर दे रहे हैं, जबकि नावां में कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र चौधरी और भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह चौधरी की किस्मत की चाबी ईवीएम में कैद हो ग ईहै. 

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वहीं, परबतसर में कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास गावड़िया और भाजपा प्रत्याशी मानसिंह किनसरिया, डेगाना से कांग्रेस प्रत्याशी विजयपाल मिर्धा और भाजपा प्रत्याशी अजयसिंह किलक, मकराना में कांग्रेस प्रत्याशी जाकिर हुसैन गैसावत और भाजपा प्रत्याशी सुमिता भींचर तथा लाडनूं में कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश भाकर और भाजपा प्रत्याशी करणी सिंह में सीधा मुकाबला है.

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