बागी कांग्रेसी नेताओं को रंधावा की चेतावनी, बोले, '2 दिन में रिटायर नहीं हुए, तो पार्टी लेगी सख्त एक्शन'

चेतावनी पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर बागी प्रत्याशी आगामी दो दिन में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव में समर्थन देते हुए रिटायर नहीं हुए और कांग्रेस पदाधिकारी व वरिष्ठ नेता अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार में नहीं उतरे तो पार्टी को उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए सख्त निर्णय लेने पर बाध्य होना पड़ेगा.

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सुखजिंदर सिंह रंधावा (फाइल फोटो)
जयपुर:

राजस्थान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरूद्ध बागी होकर चुनाव लड़ने वाले कांग्रेसी नेताओं को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राजस्थान प्रभारी  सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने एक और मौका देते हुए रविवार को पत्र जारी कर चेतावनी दी है.

एक पत्र के जरिए चेतावनी देते हुए रंधावा ने लिखा है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा जिस अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है, उनके खिलाफ खड़े सभी बागी प्रत्याशी रिटायर होने करे वरना पार्टी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.

रंधावा ने पत्र में यह भी लिखा है कि सभी बागी कांग्रेसी नेता पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी का समर्थन प्रदान करते हुए पार्टी के पक्ष में प्रचार में शामिल होकर प्रदेश में पुनः कांग्रेस की सरकार बनाने में अपना योगदान प्रदान करें. रंधावा ने कांग्रेस पार्टी के उन पदाधिकारी व वरिष्ठ नेताओं को भी पत्र जारी कर चेतावनी दी है, जो कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का प्रचार एवं समर्थन करने की बजाय किसी अन्य अथवा बागी प्रत्याशी के समर्थन एवं प्रचार में शामिल हो रहे हैं.

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चेतावनी पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर बागी प्रत्याशी आगामी दो दिन में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव में समर्थन देते हुए रिटायर नहीं हुए और कांग्रेस पदाधिकारी व वरिष्ठ नेता अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार में नहीं उतरे तो पार्टी को उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए सख्त निर्णय लेने पर बाध्य होना पड़ेगा.

गौरतलब है कांग्रेस द्वारा राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के ऐलान के बाद कई कांग्रेसी नेता, संभावित उम्मीदवार और टिकट जाने से नाराज होकर बागी हो गए थे और उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव मैदान में खड़े गए, जिससे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ माहौल बिगड़ गया है, जिससे कांग्रेस को फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि मान-मनौवल्ल के बाद कुछ बागी कांग्रेस नेताओं ने नामांकन वापस भी लिया था.

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