नामांकन से पहले अदला-बदली, कर्नल सोनाराम हुए कांग्रेसी, तो गिर्राज सिंह मलिंगा ने थामा कमल

रविवार को नामांकन से एक दिन पहले कई बड़े नेताओं ने पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है. इनमें कांग्रेस छोड़ कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले कर्नल सोनाराम प्रमुख हैं जबकि कांग्रेस छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले गिर्राज सिंह मलिंगा दूसरे बड़े नेता हैं. 

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
फाइल फोटो

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामांकन का कल आखिरी दिन है, लेकिन प्रत्याशियों के दल-बदलने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. रविवार को नामांकन से एक दिन पहले कई बड़े नेताओं ने पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है. इनमें कांग्रेस छोड़ कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले कर्नल सोनाराम प्रमुख हैं जबकि कांग्रेस छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले गिर्राज सिंह मलिंगा दूसरे बड़े नेता हैं. 

गिर्राज सिंह मलिंगा ने रविवार को आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. वही इनमें दो नाम भाजपा नेताओं के है, जिन्होंने आज कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है. पहला नाम कद्दावार नेता कर्नल सोनाराम है, दूसरा नाम प्रशांत सिंह परमार है. कांग्रेस ज्वाइन करने वालों में एक तीसरा नाम प्रधान मनीषा गुर्जर का नाम भी हैं. 

गिर्राज सिंह मलिंगा एक बड़ा नाम है. यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. धौलपुर जिले के बाड़ी से बसपा की टिकट पर चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए गिर्राज सिंह मलिंगा को भाजपा बाड़ी सीट से प्रत्याशी बना सकती है. जब सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत की थी तो मलिंगा समत बसपा के सभी 6 विधायकों ने गहलोत सरकार का समर्थन किया था. माना जा रहा तीन बार बाड़ी से विधायक चुने जा चुके गिर्राज एक बार विजयी पताका फहरा सकते हैं.

Advertisement

कांग्रेस ज्वाइन करने वाले पूर्व भाजपा सांसद कर्नल सोनाराम एक इंजीनियर हैं, जो भारतीय सेना में अपनी सेवा देने के बाद वर्ष 1996 में कांग्रेस की टिकट पर सासंद चुने गए थे लगातार तीन बार सांसद चुने गए कर्नल सोनाराम वर्ष 2008 से 2013 के बीच विधायक भी रहे. हालांकि वर्ष 2014 से 2019 तक वो भाजपा की टिकट पर सांसद चुने गए. इस बार भाजपा ने गुढ़ामलानी से टिकट नहीं दिया. तो उन्होंने कांग्रेस में लौट दोबारा लौट गए. 

Advertisement

वहीं, भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए भागीरथ महरिया ने कहा कि भाजपा में रहकर मैंने जनता के बीच में काम किया था, लेकिन मुझे टिकट नहीं दिया गया और अब मैं कांग्रेस के साथ रहकर जनता के लिए काम करूंगा. उन्होंने कहा, मैं गहलोत साहब और रंधावा साहब का आभारी हूं. भाजपा में जातिवाद की बात होती है अगर पार्टी मुझे मौका देगी तो मैं काम करूंगा.

Advertisement
भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन करने वाले प्रशांत सिंह परमार ने ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा में काम करते करते एक बेटा तक शहीद हो गया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें बाड़ी से टिकट देने का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा कि अगर बाड़ी से कांग्रेस विश्वास जताती है तो वो बाड़ी से जीतकर आएंगे. उन्होंने कहा कि बाड़ी के सभी वर्ग के लोग उनके साथ है और धौलपुर की चारों सीट जीतकर आएंगे.

वहीं, खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर और पूर्व विधायक दाताराम गुर्जर ने रविवार को पीपीसी वॉर रू में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.  वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने दोनों को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई. इस दौरान सीएम गहलोत से मुलाकात की. माना जा रहा है कि इस बार खेतड़ी से मनीषा गुर्जर को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया जा सकता है. 

ये भी पढें-टिकट कटने पर मंच पर फूट-फूटकर रोए नेताजी, बोले, 'जनता को पीठ दिखाकर नहीं जाऊंगा'