Rajasthan Illegal Liquor Shop: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार (24 फरवरी) को प्रश्नकाल के दौरान परबतसर क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली. अधिकृत शराब दुकानों और पिछले दो वित्तीय वर्षों में दर्ज मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया, जिस पर विपक्ष ने कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल उठाए. परबतसर से विधायक रामनिवास गावड़िया ने क्षेत्र में संचालित शराब दुकानों से जुड़े मामलों का ब्योरा मांगा. उन्होंने पूछा कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में कितने अवैध प्रकरण दर्ज हुए और कितने लाइसेंस रद्द किए गए.
जवाब में आबकारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि अवैध शराब बिक्री करने वाले आउटलेट्स या तो आबकारी विभाग की गश्त के दौरान पकड़ में आते हैं या फिर आमजन की सूचना के आधार पर कार्रवाई की जाती है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 145 एक्साइज पुलिस थाने संचालित हैं और सूचना मिलते ही संबंधित लाइसेंस रद्द करने, पुलिस कार्रवाई करने और दुकानों को ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई की जाती है.
17 अवैध दुकानों पर कार्रवाई कब
मंत्री खींवसर ने परबतसर क्षेत्र में की गई कार्रवाइयों का भी हवाला दिया. इस पर विधायक गावड़िया ने सवाल उठाया कि क्षेत्र में चिह्नित 17 अवैध दुकानों पर कार्रवाई कब की जाएगी. मंत्री खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि यदि ऐसे मामलों की ठोस सूचना दी जाए तो विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि जिन 19 आउटलेट्स की बात की जा रही है, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए, विभाग जांच कर आवश्यक कदम उठाएगा.
कई अवैध दुकानें “सेटिंग” के जरिए संचालित
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि 17 अवैध दुकानों का उल्लेख तो स्वयं मंत्री की ओर से किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई अवैध दुकानें “सेटिंग” के जरिए संचालित होती हैं और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती. जूली ने कहा कि उनके क्षेत्र में एक दुकान के खिलाफ लिखित शिकायत दिए एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई.
मंत्री ने दोहराया कि यदि सूची उपलब्ध कराई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी. बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदस्य ठोस जानकारी सरकार को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके.
मामले को लेकर कुछ देर तक सदन में शोर-शराबा रहा. स्पीकर वासुदेव देवनानी ने दोनों पक्षों को शांत कराया और विपक्ष से अवैध दुकानों की लिस्ट देने को कहा. जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई.
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