Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान तीखा गतिरोध देखने को मिला. डिमांड पर चर्चा के समय विधायक श्रवण चौधरी को बोलने से रोके जाने के बाद विवाद शुरू हुआ. विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और जमकर विरोध दर्ज कराया.
श्रवण चौधरी को रोकने पर विवाद
विपक्ष का आरोप है कि श्रवण चौधरी आसन की अनुमति से अपनी बात रख रहे थे. इसी दौरान स्पीकर ने यह कहते हुए उन्हें बैठा दिया कि वे लगातार पांच दिन से बोल रहे हैं और अब अन्य सदस्यों को अवसर दिया जाए. कांग्रेस ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि जब किसी सदस्य को बोलने का अवसर दिया जाता है तो उसे निर्धारित समय तक अपनी बात रखने का अधिकार होता है.
भाषा को लेकर भी उठा सवाल
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग की कथित टिप्पणी पर भी विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया. कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया. स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का माइक बंद किए जाने का आरोप लगाया गया. जूली ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की और कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने से रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.
वॉकआउट नहीं पूर्ण बहिष्कार
हंगामे के बाद कांग्रेस ने केवल वॉकआउट नहीं किया बल्कि पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला लिया. इस फैसले से सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई. पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जवाब देने की तैयारी में थे लेकिन विपक्ष की अनुपस्थिति में बहस आगे नहीं बढ़ सकी.
डोटासरा ने दी आगे की रणनीति के संकेत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि विपक्ष को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में बहिष्कार का निर्णय लिया गया. गुरुवार सुबह विधायक दल की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी.
घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ती तल्खी आने वाले दिनों में और सियासी रंग दिखा सकती है. अब सबकी नजरें कांग्रेस विधायक दल की बैठक और आगे की रणनीति पर टिकी हैं.
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