राजस्थान में गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 381.91 करोड़ रुपए का फंड मंजूर किया गया है. 5 हजार से अधिक आबादी के 192 गांवों में भी अटल प्रगति पथ का निर्माण होगा. इससे 28 जिलों के 192 गांवों और आबादी क्षेत्रों में करीब 286 किमी सड़क निर्माण कार्य हो सकेंगे. राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही ग्रामीण विकास के लिहाज से इसे अहम बताया जा रहा है. अटल प्रगति पथों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, समय और परिवहन लागत में कमी आएगी और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. मजबूत सड़क कनेक्टिविटी इन गांवों को मुख्य मार्गों, बाजारों, विद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं से बेहतर ढंग से जोड़ेंगी. इससे किसानों, विद्यार्थियों, श्रमिकों, व्यापारियों और आमजन को सीधा लाभ मिलेगा.
किस जिले में किन गांवों को मिलेगा लाभ
- अजमेर: टांटोटी, घूघरा, गनाहेड़ा, गगवाना, बिड़क्चियावास और देराठू, अलवर जिले में गारू, हरसाना, गढ़ी सवाईराम, बालेटा, पृथ्वीपुरा और तुलेड़ा
- बालोतरा: ईटवाया, कनाना, पारलू और कल्याणपुर
- बांसवाड़ा: अरथूना और खोड़न
- बारां: देवरी, कस्बाथाला और पलायथा, बाड़मेर जिले में बुरान का तला
- भरतपुर: सरसैना, छौंकरवाड़ा कलां और ब्रह्मवाद
- भीलवाड़ा: सहाड़ा और पारोली
- चित्तौड़गढ़: भोपालसागर
- चूरू: जोगलिया, ईंयारा, शोभासर, जोगलसर, लालगढ़, कानूता और बांय, दौसा जिले में उदयपुरिया, आलूदा और टोरड़ा
इसके अलावा डीग, डीडवाना-कुचामन, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, पाली, फलोदी, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक के कई गांवों को शामिल किया गया है.
अंतिम छोर तक विकास का लाभ मिले- सीएम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान का प्रत्येक गांव और आबादी क्षेत्र सड़क मार्ग से जुड़े और विकास का लाभ अंतिम छोर तक सुगमता से मिल सके. उन्होंने कहा है कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाली आधारभूत कड़ी है.
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