Rajasthan Budget 2026: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपना बजट विधानसभा में पेश कर दिया है. इस बार का बजट पिछली सरकार के बजट से 41.39 फीसदी बढ़ गया है. वित्त मंत्री दिया कुमारी के बजट भाषण पर विपक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से संकीर्ण और सतही बजट है. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार के बजट पर कहा कि सरकार सिर्फ लोगों को बजट में गुमराह करने का काम कर रही है. यह बजट पूरी तरह से संकीर्ण और सतही बजट है. बेंजामिन फ्रैंकलिन को कोट जो इन्होंने पढ़ा है, वह इन्हीं लोगों पर लागू होता है.
टीकाराम जूली ने किया सवाल
टीकाराम जूली ने आगे का कि हमारी कांग्रेस सरकार के समय की स्कीमों को इन लोगों ने बंद करने का काम किया है या फिर उसके नाम बदल दिए. बजट में लगभग 20 प्रतिशत घोषणाएं ऐसे की गई हैं, जिनको लागू किया जाएगा. पर कहां से लागू होगा, कैसे लागू करोगे, इस बारे में बजट का जिक्र ही नहीं किया है. 20-25 फीसदी ऐसी घोषणाएं हैं, जो रूटीन में चल रही हैं. चाहे सामाजिक सुरक्षा की हो, पानी की हो. 45 लाख कनेक्शन की दो बजट की खुद घोषणाए हैं और 14 लाख जो कनेक्शन हुए हैं, उनमें 10 लाख कनेक्शन का वर्क ऑर्डर हमारे समय का है.
मदन राठौड़
मदन राठौड़ ने क्या कहा?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान के बजट को विकसित राजस्थान के निर्माण का सशक्त और दूरदर्शी रोडमैप बताते हुए कहा कि बजट में 42 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा. जोधपुर, पाली, मारवाड औद्योगिक कॉरिडोर 600 करोड की सहायता से, सीएम स्वरोजगार योजना से 10 लाख रुपए तक का ब्याज ऋण मुक्त सहायता, ग्रामीण महिला बीपीओ खोलना, पारदर्शी परीक्षा के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना, महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण सीमा 50 लाख से बढाकर 1 लाख, अगले साल 50 हजार सौलर पंप लगाएं जाएंगे जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं बजट में की गई है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राजस्थान बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट के माध्यम से किसानों, युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग की आशाओं पर पानी फेर दिया है. सचिन पायलट ने कहा कि राज्य सरकार के वित्तीय कुप्रबन्धन के चलते राजस्व घाटा बढ़ा है, सरकार को कर्ज लेना पड़ेगा जिससे महंगाई बढ़ेगी. सरकार ने शब्दों के मायाजाल से अपनी दो वर्षो की नाकामी को छुपाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार के गत् वर्षो के बजट की भांति यह बजट भी धरातल पर उतरने वाला नहीं है.
मदन दिलावर- गोविंद सिंह डोटासरा में छींटाकशी
गोविंद डोटासरा से मेंटल हेल्थ सेंटर जैसे गंभीर मुद्दे पर हंसी ठिठोली का सवाल हुआ तो डोटासरा ने कहा कि वह तो इस मुद्दे पर गंभीर थे और उन्होंने यह सुझाव भी दिया था कि मेंटल हेल्थ सेंटर कहीं भी खोलो, लेकिन सबसे पहले यह रामगंजमंडी में खोला जाना चाहिए. डोटासरा ने चुटकी लेते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के क्षेत्र रामगंज मंडी का जरूर ध्यान रखना चाहिए. कोई मंत्री होता है तो वह अपने क्षेत्र के लिए अच्छी योजना लेकर जाता है. डोटासरा ने कहा कि स्वस्थ चित्र और मस्तिष्क रहेगा तो काम अच्छे तरीके से हो पाएगा.
वहीं, मेंटल हेल्थ सेंटर को लेकर डोटासरा के बयान पर जब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत सीकर के लक्ष्मणगढ़ में ज्यादा है. दिलावर ने कहा कि बीमारियां तो सब जगह होती है, लेकिन अधिक बीमारियां सीकर जिले में हैं. दिलावर ने कहा कि वह पिछले दिनों सीकर दौरे पर गए थे, तो वहां के लोगों ने कहा कि यहां एक मेंटल हॉस्पिटल खुलना चाहिए. दिलावर ने लोगों से कारण पूछा तो लोगों ने कहा कि यहां के कुछ जनप्रतिनिधियों को ज्यादा ही मेंटल प्रॉब्लम है.
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