Rajasthan News: कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत उत्तर प्रदेश, बिहार, गोवा और मणिपुर समेत 6 राज्यों में जिला अध्यक्ष चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है. पार्टी ने इस प्रक्रिया के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है. राजस्थान के कई नेताओं को जिलाध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. लिस्ट में राजस्थान से जुड़े करीब 20 से अधिक नेताओं का नाम शामिल है.
जिलाध्यक्ष चयन के लिए देंगे रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया के लिए राजस्थान के 14 नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इन नेताओं को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा गया है, जहां वे संगठनात्मक स्थिति का आकलन कर जिला अध्यक्ष चयन के लिए अपनी रिपोर्ट देंगे.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी सूची के अनुसार, संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं. संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. जिला अध्यक्षों के चयन को आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी का फोकस यह है कि स्थानीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व को आगे लाया जाए और संगठन में नई ऊर्जा भरी जाए.
SSA Observers_PR by Shyamji Tiwari
इन कांग्रेस नेताओं को मिली जिम्मेदारी
राजस्थान के नेताओं को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जिम्मेदारी मिलना पार्टी के भीतर उनके संगठनात्मक अनुभव और भरोसे को भी दर्शाता है. पर्यवेक्षक संबंधित जिलों में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, स्थानीय समीकरणों की रिपोर्ट तैयार करेंगे और जिला अध्यक्ष पद के लिए नामों की सिफारिश करेंगे.
उत्तर प्रदेश में रघु शर्मा, कुलदीप इंदौरा और संजना जाटव जैसे तमात बड़े नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, विजय जांगिड़, मुरारी लाल मीणा, रेहाना रियाज, सीताराम लांबा, आरसी चौधरी, पवन गोदारा और जसवंत गुर्जर भी यूपी में पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. इसके अलावा विवेक कटारा और संजीता सिहाग को भी उत्तर प्रदेश में जिम्मेदारी सौंपी गई है. विधायक मनीष यादव को मेघालय और विधायक रफीक खान को मणिपुर में पर्यवेक्षक लगाया.
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