Rajasthan: सरकार के फर्जी दिव्यांगों पर नकेल कसने के आदेश पर गरमाई राजनीति, डोटासरा ने उठाए सवाल

Bhajan Lal government order: पिछले 5 साल के दौरान सरकारी सेवा में शामिल हुए दिव्यांगों के डॉक्यूमेंट की जांच होगी. इस संबंध में DOP की ओर से सर्कुलर जारी किया गया है.

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Rajasthan Congress President Govind Dotasara: भजनलाल सरकार के फर्जी दिव्यांग कर्मचारियों के डॉक्यूमेंट जांचने के आदेश पर कांग्रेस ने तंज कसा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सवाल खड़े करते हुए पूछा कि यह आदेश सिर्फ दिव्यांगजनों के लिए ही क्यों निकाला गया? दरअसल, कार्मिक विभाग ने ऐसी जांच की शुरुआत में सबसे पहले उन कर्मचारियों के मेडिकल के लिए कहा है, जो पिछले 5 साल में सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं. इसी मामले पर राजनीति गरमा गई है.

DOP ने जारी किया आदेश

DOP के सचिव केके पाठक की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में सरकारी मेडिकल कॉलेज या सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से दोबारा मेडिकल कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश के मुताबिक, इसकी शुरुआत पिछले 5 साल के दौरान सरकारी सेवा में शामिल हुए दिव्यांग कर्मचारियों के मेडिकल कराने से होगी.

सभी कार्मिकों के दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं- डोटासरा

उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल करते हुए पूछा कि मेडिकल बोर्ड से परीक्षण का यह आदेश केवल दिव्यांगजन के लिए क्यों है? डोटासरा का कहना है कि जब सरकार जांच करा ही रही है तो फिर सभी कार्मिकों के दस्तावेजों की क्यों नहीं कराती? दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

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पीसीसी चीफ ने बताया दिव्यांगजनों का अपमान

प्रदेश अध्यक्ष ने वर्तमान के साथ ही पूर्व की बीजपी सरकारों पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व की भाजपा सरकारों में लगे फर्जी कार्मिकों को बचाना चाहती है और वर्षों से राजकीय सेवा में समर्पित सभी दिव्यांगजनों पर शक संदेह करके अपमान करना चाहती है.

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