हर काम में AI इंसान से आगे नहीं... जयपुर में बोले AI इंडिया के CEO अभिषेक सिंह

AI इंडिया के सीईओ ने आगे कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाकर भारत एआई के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति बन सकता है. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के क्रम में हमेशा कुछ जॉब प्रभावित होती है, लेकिन बहुत सारे नए अवसर खुलते भी हैं.

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जयपुर में बोले AI इंडिया के CEO अभिषेक सिंह

Rajasthan News: राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट–2026 का समापन हो गया. कार्यक्रम के तीसरे दिन जयपुर में एआई डेटा सेन्टर बनाने का ऐलान हुआ है. समिट में आखिरी दिन राजस्थान रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस आयोजन हुई, जिसमें राजस्थान की नई AI & ML पॉलिसी–2026 लॉन्च की गई. इस दौरान AI इंडिया के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाद कुछ नौकरियां कम हो सकती हैं, लेकिन दूसरे क्षेत्रों में उसके मुकाबले कई गुणा अवसर बढ़ेंगे.

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड IT मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव व AI इंडिया के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि जब भी टेक्नोलॉजी का कोई नया क्षेत्र आता है तो नई जॉब सृजित भी होती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मोबाइल फोन आया तो एसटीडी–पीसीओ बूथ बंद हो गए. डिजिटल कैमरा आने के बाद स्टूडियो और फोटो डेवलप करने वाले डार्क रूम का स्वरूप बदल गया और मोटर कार और मोटरबाइक आई तो घोड़ागाड़ी–बैलगाड़ी खत्म हो गई.

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एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार किए जा सकते हैं. भारत सरकार ने इंडिया एआई मिशन के तहत राज्यों और इस क्षेत्र में काम करने वाले शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को समर्थन प्रदान करने का फैसला किया है, ताकि वे एआई के क्षेत्र में अच्छे उत्पाद बना सकें और भारत को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद कर सकें. एआई के माध्यम से भारत को कई अवसर मिल रहे हैं, जैसे-

  • स्वास्थ्य सेवा में ट्यूबरकुलोसिस, कैटैरैक्ट, और डायबेटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारियों का निदान करना.
  • किसानों को सलाहकार सेवाएँ प्रदान करना. 
  • छात्रों को एआई ट्यूटर बनाकर देना. 
  • उद्योगों में सप्लाई चेन ऑटोमेशन करना.
  • विभिन्न भाषाओं में संवाद करना

AI इंडिया के सीईओ ने आगे कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाकर भारत एआई के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति बन सकता है. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के क्रम में हमेशा कुछ जॉब प्रभावित होती है, लेकिन बहुत सारे नए अवसर खुलते भी हैं. भारत एक तकनीक प्रधान देश है और हमारी इंजीनियरिंग वर्कफोर्स सॉफ्टवेयर और तकनीक की दुनिया में काफी आगे है. हमारी कंपनियाँ दुनिया भर में आईटी सेवाएँ प्रदान करती हैं और हमारे इंजीनियर दुनिया भर की कंपनियों में काम करते हैं, कई तो उन्हें लीड भी करते हैं. एआई के क्षेत्र में भारत की क्षमता बहुत अधिक है. हमने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आधार और UPI जैसे सफल प्रोजेक्ट्स को लागू किया है, जो पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण हैं.

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