Rajasthan Politics: भजनलाल सरकार के 'अशांत क्षेत्र बिल' पर मदन दिलावर का बयान, बोले- दंगाइयों के मंसूबों पर रोक लगेगी

दिलावर ने भजनलाल सरकार के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने 'अशांत घोषित क्षेत्र' में स्थाई निवासियों की संपत्तियां और किराएदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए बिल को अहम बताया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
राजस्थान सरकार में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर.

Rajasthan Disturbed Areas Bill 2026: 'डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल 2026' (अशांत क्षेत्र विधेयक) को कैबिनेट मंजूरी मिलने के बाद सियासत गरमा गई है. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई दिग्गजों ने सवाल खड़े किए हैं. इस मामले में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विधानसभा में पारित होने के बाद प्रदेश में दंगाइयों के मंसूबो पर रोक लगेगी. दंगाई जनसंख्या असंतुलन करने के षड्यंत्र नहीं कर पाएंगे. उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक में अशांत घोषित क्षेत्र में स्थाई निवासियों की संपत्तियां और किराएदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा विधेयक लाने को फैसले को महत्वपूर्ण बताया.  

बिल का इंतजार काफी समय से था- दिलावर

उन्होंने कहा, "यह बीजेपी की सरकार है और भजनलाल शर्मा की सरकार है. सरकार राजस्थान की जान-माल की सुरक्षा के लिए एहतियात बरत रही है. इसी के चलते विधानसभा में यह विधेयक रखने की मंजूरी दी गई है. जनसंख्या का असंतुलन ना हो या किसी भी तरह की गड़बड़ियां ना हो या संपत्ति को कम दामों पर भी खरीद पाएंगे. अब इन तमाम कृत्यों पर रोक लगेगी और इस कानून का इंतजार प्रदेश को काफी समय से था."

Advertisement

सड़क से सदन तक होगा विरोध

वहीं, इस बिल पर कांग्रेस ने विरोध का ऐलान किया है. नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा सत्र में इस 'संविधान विरोधी और समाज विरोधी' विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी. हम सदन के भीतर सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे और सड़क पर उतरकर जनता को भाजपा के इस विभाजनकारी चेहरे से अवगत कराएंगे. राजस्थान के साझा गौरव और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी किसी भी हद तक जाकर संघर्ष करेगी.

यह भी पढ़ेंः "महाराणा प्रताप और हाकिम खां की विरासत मिटाने की साजिश", भजनलाल सरकार के फैसले पर जूली ने कही ये बात