Rajasthan News: राजस्थान के प्रतापगढ़ में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' रंग ला रहा है. जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के नेतृत्व में पुलिस ने एक शातिर तस्कर शोयब मंसूरी के अवैध साम्राज्य पर कड़ा प्रहार करते हुए उसकी करीब ढाई करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है. यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराओं के तहत की गई है.
साजिश का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत 9 अक्टूबर 2024 को चित्तौड़गढ़ पुलिस द्वारा की गई नाकेबंदी से हुई थी. उस समय पुलिस ने एक कार से 3 किलो 420 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स पकड़ी थी. पूछताछ के दौरान मुख्य सप्लायर शोयब मंसूरी का नाम सामने आया. लंबे समय से फरार चल रहे इस तस्कर को आखिरकार प्रतापगढ़ पुलिस ने 25 अप्रैल 2026 को जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया.
मां और पत्नी के नाम पर बनाई थी संपत्ति
पूछताछ में तस्कर की काली कमाई का खुलासा हुआ. शोयब मंसूरी ने मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए करोड़ों रुपये को ठिकाने लगाने के लिए शातिराना तरीका अपनाया था. उसने अपनी मां शेरबानो के नाम पर गांव असावता में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान मकान बनवाया था. इसके अलावा, मां के नाम पर रामगढ़ में करीब 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और अपनी पत्नी नाज़मीन के नाम पर भी आधा हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ जमीन खरीदी थी. इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है.
पुलिस ने बोर्ड लगाकर की संपत्ति फ्रीज
सक्षम प्राधिकारी सफेमा नई दिल्ली द्वारा फ्रीजिंग नोटिस जारी होते ही हथुनिया थानाधिकारी उदयवीर सिंह की टीम ने इन संपत्तियों पर सरकारी बोर्ड लगा दिए हैं. अब इन मकानों और खेतों की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. शोयब मंसूरी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत आधा दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं.
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