डूंगरपुर के एक गांव के लोगों ने नाले को बनाया फिर से नदी, रामकथा के जरिये जुटाया फंड; अब तक 2.5 करोड़ खर्च

राजस्थान में डूंगरपुर जिले के खड़गदा गांव में जनसहयोग से मोरन नदी पर साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर रिवर फ्रंट तैयार किया जा रहा है. एक समय प्रदूषित रही मोरन नदी अब स्वच्छ और सुंदर बन चुकी है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मोरन नदी डूंगरपुर.

Rajasthan News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के खड़गदा गांव में मोरन नदी पर साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर रिवर फ्रंट तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना की खासियत यह है कि इसे पूरी तरह जनसहयोग से बनाया जा रहा है. अब तक इस पर 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वहीं राज्य सरकार ने ग्रामीणों की इस पहल को सराहते हुए बजट में मोरन नदी के संरक्षण और विकास के लिए 50 लाख रुपये की डीपीआर बनाने की घोषणा की है.

प्रदूषित नदी का हुआ कायाकल्प

एक समय पर कचरे और प्रदूषण की मार झेल रही मोरन नदी आज स्वच्छ और सुंदर बन गई है. नदी किनारों पर 20 फीट चौड़ी सड़कें बनाई गईं हैं और आधुनिक मशीनों से हजारों ट्रैक्टर कचरा हटाया गया है. जहां पहले कचरा और जानवरों के अवशेष थे, अब साफ पानी बह रहा है.

शिवलिंग आकार की विशेष नदी

मोरन नदी खड़गदा गांव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. शिवलिंग के आकार में बहने वाली यह नदी पूरे क्षेत्र के लिए सिंचाई और पीने के पानी का मुख्य स्रोत है.

साथ ही इसे वागड़ क्षेत्र की 'लाइफलाइन' भी कहा जाता है. नदी के पुनर्जीवन में ख्यात कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री के नेतृत्व में ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बंद हो चुके 13 मुख्य मार्गों को खोलकर नदी तक पहुंच आसान बनाई गई है.

Advertisement

नदी को साफ करते हुए गांव के लोग.

रामकथा के जरिये जुटाया फंड

रिवर फ्रंट परियोजना के लिए 28 दिसंबर से 5 जनवरी तक 9 दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया. जिसमें फंड जुटाया गया. पहली बार वागड़ क्षेत्र की किसी नदी के संरक्षण के लिए इस तरह की पहल की गई है. रिवर फ्रंट पर एक भव्य राम मंदिर और गौशाला का निर्माण भी प्रस्तावित है.

सरकार से सहयोग की उम्मीद

गांववासियों की इस कोशिश के बाद राज्य सरकार ने डीपीआर बनाने की घोषणा की है. ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द डीपीआर तैयार करवाने की मांग की है, ताकि मोरन नदी का सही तरीके से विकास हो सके. यह परियोजना न केवल नदी संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि सामाजिक एकजुटता की मिसाल भी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- Politics on Waqf Bill: वक्फ बिल पर गोविंद सिंह डोटासरा का बयान, कहा-'ये सिर्फ हिंदू-मुस्लिम करना चाहते हैं'