पुरानी पेंशन बहाली पर अड़ा ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन, हड़ताल पर जाने से पहले कर्मचारियों से पूछेगा उनकी राय

फेडरेशन के बैनर तले इससे जुड़ी यूनियन के पदाधिकारी 20 और 21 नवंबर को रेलवे कर्मचारियों से मतदान करवाएंगे. साथ ही यह भी जानेंगे कि वे पुरानी पेंशन को लेकर हड़ताल पर जाने के लिए सहमत है या नहीं हैं.

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जोधपुर:

राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल केंद्र सरकार के चुनाव में पुरानी पेंशन नीति को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने दांव खेल रहे हैं. इस बीच, रेलवे कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया रेलवे मैंस फेडरेशन ने पुरानी पेंशन नीति को लेकर हड़ताल पर जाने से पहले देशभर के रेलकर्मियों के बीच मतदान करवाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है. फेडरेशन के बैनर तले इससे जुड़ी यूनियन के पदाधिकारी 20 और 21 नवंबर को रेलवे कर्मचारियों से मतदान करवाएंगे. साथ ही, यह भी जानेंगे कि वे पुरानी पेंशन को लेकर हड़ताल पर जाने के लिए सहमत है या नहीं हैं.

नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइ यूनियन के मंडल सचिव मनोज कुमार परिहार ने बताया कि हाल ही में ऑल इंडिया रेलवे मैंस फेडरेशन का 99वां वार्षिक अधिवेशन मुंबई में हुआ था. जिसमें यह तय किया गया कि सरकार अगर सभी कर्मचारियों को नई पेंशन से पुरानी पेंशन स्कीम में जाने का निर्णय समय रहते नहीं लेती है. तो निश्चित तौर पर ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन पुनः इतिहास को दोहराने का काम करेगा. जिसकी जवाबदारी वर्तमान केंद्र सरकार की होगी. 

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फेडरेशन के बैनर तले इससे जुड़ी यूनियन के पदाधिकारी 20 और 21 नवंबर को रेलवे कर्मचारियों से मतदान करवाएंगे. इस मतदान के जरिए यह भी जानेंगे कि वे पुरानी पेंशन को लेकर हड़ताल पर जाने के लिए सहमत है या नहीं हैं.

वार्षिक अधिवेशन में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने आह्वान किया था कि अब समय आ गया है कि हम सभी अपनी ताक़त सरकार को दिखाएं. सरकार यदि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का कोई निर्णय नहीं लेती है. तो निश्चित तौर पर हम सब न सिर्फ रेलवे बल्कि आने वाले समय में देश का चक्का जाम करने का काम करेंगे.

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कर्मचारी संगठनों की ओर से जनवरी 2023 से लगातार ये बताने का काम किया जा रहा है कि पुरानी पेंशन स्कीम हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है. पेंशन बुढ़ापे की लाठी है. यदि सरकार इसे छीनने का काम करती है तो हम सभी इसे स्वीकार नहीं करेंगे. इसी के चलते यह निर्णय लिया गया कि 20 और 21 नवम्बर 2023 को सभी रेल कर्मचारी गुप्त मतदान के माध्यम से सीक्रेट बैलेट करवाकर हड़ताल पर जाने का कार्य करेंगे.

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उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पुरानी पेंशन को लेकर पहले से ही केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है और राज्य की कांग्रेस सरकार अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने का एलान बजट में कर चुकी है. 

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