Success Story: 65 हजार के इन्वेस्टमेंट से करोड़पति बना भरतपुर का किसान, इस खेती से कमाया तगड़ा मुनाफा

किसान ने बताया कि एक सफेद चंदन के पेड़ का मूल्य 5 से 6 लाख रुपए है. 200 पेड़ों का मूल्य लगभग 10 करोड रुपए से अधिक है. यह सफेद चंदन देव पूजन के साथ-साथ औषधीय गुण के रूप में काम आता है.

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14 साल में पक कर तैयार हुए सफेद चंदन के पेड़.
NDTV Reporter

Rajasthan News: एक ओर देखा जा रहा है कि अधिकांश किसान मुनाफा नहीं होने के चलते खेती के कार्य से मुंह मोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ किसान खेती में नए-नए प्रयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का काम कर रहे हैं. आज हम आपको राजस्थान में भरतपुर जिले के गांव सलेमपुर कला के एक किसान की ऐसी ही सक्सेस स्टोरी के बारे में बताएंगे जो खेती में नवाचार करके आज करोड़पति बनने वाले हैं.

65 हजार रुपये का इन्वेस्टमेंट

भरतपुर के एक किसान ने 14 साल पहले कर्नाटक से सफेद चंदन के 500 पौधे लगाकर खेती प्रारंभ की थी. किसान के द्वारा मंगाए गए 500 में से 200 ही चंदन के पेड़ करीब दो हैक्टेयर भूमि में लग पाए. 65 हजार रुपए की कीमत में मंगाए गए सफेद चंदन के पौधे किसान को एक साल बाद करोड़ पति बना देंगे. सफेद चंदन के पेड़ लगभग पककर तैयार हो चुके हैं. 1 साल बाद इनको कटवा कर किसान बाजार में बेच देगा. हालांकि किसान का कहना है कि सीधे व्यापारी खेत से ही पेड़ों को खरीदने के लिए आ रहे हैं. किसान का कहना है कि यह खेती जितना लंबा इंतजार करवाती है, उससे ज्यादा मुनाफा देती है.

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14 साल बाद मिलने जा रहा फल

ये कहानी है भरतपुर के किसान रूप सिंह वैष्णव की. उन्होंने बताया कि उनके गांव में एक साधु हरभजन सिंह रहते हैं. उनके कहने पर 14 साल पहले कर्नाटक से 65 हजार की कीमत पर सफेद चंदन के करीब 500 पौधे मंगाए थे. इन पौधों को 2 हेक्टेयर भूमि में रोपा गया, जिनमें से करीब 200 पेड़ ही लग पाए. किसान का कहना है कि सफेद चंदन का पेड़ लगभग 14 से 15 साल में पककर तैयार होता है. इस खेती को 14 साल हो चुके हैं और सफेद चंदन के पेड़ लगभग पकड़ के तैयार हो चुके हैं. 1 साल बाद इन्हें बाजार में बेच दिया जाएगा. किसान का कहना है कि सीधे व्यापारी खेत से ही मोलभाव कर रहे हैं. 

200 पेड़ की कीमत 10 करोड़

किसान ने बताया कि एक सफेद चंदन के पेड़ का मूल्य 5 से 6 लाख रुपए है. 200 पेड़ों का मूल्य लगभग 10 करोड रुपए से अधिक है. यह सफेद चंदन देव पूजन के साथ-साथ औषधीय गुण के रूप में काम आता है. किसान ने बताया की सफेद चंदन की खेती के दौरान उन्हें कई मुसीबतों से गुजरना पड़ा है. हालांकि वैसे तो वह 24 घंटे पेड़ों की रखवाली के लिए हर का कोई ना कोई व्यक्ति मौके पर मौजूद रहता है. लेकिन 1 साल पहले कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा चंदन के पेड़ों को पीछे से काटा गया था, जिसकी शिकायत भुसावर थाने में भी कराई गई थी.

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